ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ से पहले भारतीय सेना ने मंगलवार को आतंकवाद के खिलाफ देश के अडिग रुख को दोहराते हुए एक मजबूत संदेश जारी किया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए इस संदेश में कहा गया, “जब मानवता की सीमाएं लांघी जाती हैं, तो जवाब निर्णायक होता है। न्याय मिलता है। भारत एकजुट है।” यह संदेश पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की सैन्य कार्रवाई की भावना को दर्शाता है।
22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने छुट्टियां मना रहे 26 निर्दोष लोगों—जिनमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक शामिल थे—की निर्मम हत्या कर दी थी। इस हमले के ठीक 15 दिन बाद, 7 मई को भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई में कई कुख्यात आतंकियों के मारे जाने की भी खबर सामने आई।
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इस सैन्य कार्रवाई के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तेजी से बढ़ा और हालात दो दशकों में सबसे गंभीर स्तर पर पहुंच गए। पाकिस्तान की ओर से भारतीय शहरों को निशाना बनाने की कोशिशों को भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने पूरी तरह विफल कर दिया और जवाबी कार्रवाई में मुंहतोड़ जवाब दिया गया।
भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 14 सैन्य ठिकाने नष्ट कर दिए गए, जिससे घबराकर पाकिस्तान ने 10 मई को युद्धविराम का प्रस्ताव रखा। बाद में दोनों देशों के बीच बातचीत के जरिए इसे लागू किया गया।



