👉 यह भी पढ़ें:
- India Test squad : श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान, पहली बार सारांश जैन को मौका
- Make in India पर बड़ा फोकस: चीन समेत विदेशी आयात पर निर्भरता घटाने की तैयारी, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बढ़ावा
- Doctors Safety in India: डोंबिवली में डॉक्टर्स पर हमले के बाद IMA ने जारी किया 100 हिंसक घटनाओं का डिजिटल ग्रिड, WHO के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
- Preity Zinta on Student Protest: जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन पर बोलीं प्रीति जिंटा, ‘कहीं कोई छात्रों के गुस्से का फायदा तो नहीं उठा रहा?’
- PM Modi Parliament Speech: मानसून सत्र के पहले दिन पीएम मोदी का बड़ा संदेश, बोले- ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार होकर चल पड़ा है भारत’
- India’s First Hydrogen Train: पीएम मोदी आज दिखाएंगे हरी झंडी, हरियाणा से शुरू होगी भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन; जानें किराया, स्पीड और खासियत
0:00 left
नई दिल्ली। जाते हुए वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था ने जापान को पीछे छोड़ दिया है। केंद्र सरकार की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत अब 4.18 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) के साथ जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।
वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के आंकड़ों के अनुसार भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 8.2% रही। यह आंकड़ा पिछली छह तिमाहियों में सबसे अधिक है। इससे पूर्व पहली तिमाही में यह नंबर 7.8% और पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 7.4% दर्ज की गई थी। सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 4.18 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ भारत अब चौथे स्थान पर है। हमारी अर्थव्यवस्था अगले ढाई से तीन वर्षों में जर्मनी को पछाड़कर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। अनुमान है कि 2030 तक भारत की जीडीपी 7.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी। वर्तमान में अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी और चीन दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जबकि जर्मनी तीसरे नंबर है।
सरकार के अनुसार भारत अब 2047 तक उच्च मध्यम–आय‘ वाला देश बनने के अपने विजन की ओर मजबूती से बढ़ रहा है। बैंकिंग और कॉर्पोरेट सेक्टर की मजबूत बैलेंस शीट, संरचनात्मक सुधार और सामाजिक प्रगति की नींव ने भारत को एक लंबी रेस के लिए तैयार कर दिया है। भारतीय इकोनॉमी की इस ग्रोथ में निजी खपत और मजबूत घरेलू मांग का बड़ा हाथ है। सरकार का कहना है कि देश में बेरोजगारी दर में गिरावट आ रही है और महंगाई भी नियंत्रण के दायरे में बनी हुई है। भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर वर्ल्ड बैंक, आईएमएफ और मूडीज जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने भी सकारात्मक अनुमान जताए हैं। एशियन डेवलपमेंट बैंक ने 2025 के लिए भारत की ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया है।



