👉 यह भी पढ़ें:
- कर्नल सोफिया मामला: मंत्री विजय शाह को SC से झटका, अभियोजन मंजूरी में दखल से इनकार
- इमरान खान का मेडिकल चेकअप: अस्पताल से फिर अदियाला जेल भेजे गए, पाकिस्तान में सियासी हलचल तेज
- नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, गंभीर अपराध में शामिल लोगों को नहीं मिलेगी राहत
- Supreme Court ने कहा-शांतिपूर्ण प्रदर्शन मौलिक अधिकार, सिर्फ आंदोलन होने से लाठीचार्ज करना जायज नहीं
- मीनाक्षी नटराजन के नामांकन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कल, नाम वापसी की आखिरी तारीख आज
- इश्क करो पार्टी’ से राजनीति में एंट्री! पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज मार्कंडेय काटजू का बड़ा दांव, क्या बदल जाएगा राजनीतिक नैरेटिव?
0:00 left
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर 16 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट 16 अप्रैल को मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करेगा।
क्या है मामला?
एनजीओ एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स द्वारा दायर याचिका में साल 2023 के कानून के तहत की गई चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को चुनौती दी गई है।याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट में मामले की जल्द सुनवाई की अपील की है
कोर्ट का रुख
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने मामले की सुनवाई की तारीख 16 अप्रैल तय कर दी।
क्या कहता है 2023 का कानून?
केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए 2023 के कानून के अनुसार:
-
मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य दो आयुक्तों की नियुक्ति तीन सदस्यीय समिति द्वारा की जाएगी।
-
इस समिति में प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता, और प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त एक केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे।
-
सर्च कमेटी पांच नामों को शॉर्टलिस्ट करेगी, जिनमें से समिति एक नाम को फाइनल करेगी।
-
समिति को यह विकल्प भी होगा कि वह शॉर्टलिस्ट किए गए नामों के अलावा किसी अन्य योग्य उम्मीदवार को भी चुनाव आयुक्त नियुक्त कर सकती है।



