0:00
0:00 left
ब्रिटेन की संसदीय प्रक्रियाओं में भारत के एआई मॉडल को अपनाने पर जोर
ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स के अध्यक्ष सर लिंडसे हॉयल ने कहा कि भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक ब्रिटेन की संसदीय प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने में उपयोगी साबित हो सकती है। उन्होंने लंदन के गिल्ड हॉल में प्रवासी समुदाय के एक सम्मेलन में कहा कि भारत ने एआई के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
लिंडसे हॉयल ने भारत के लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की हालिया लंदन यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि हमें यह जानकर आश्चर्य हुआ कि भारत की संसद में एआई का उपयोग 22 भाषाओं में अनुवाद के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हम भारत के लोकसभा स्पीकर के साथ मिलकर यह समझने के लिए काम करने के इच्छुक हैं कि कैसे एआई का उपयोग ब्रिटेन की संसदीय प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने में किया जा सकता है।”
भारत-ब्रिटेन संबंधों को लेकर चर्चा
लंकाशायर के चोर्ले से सांसद लिंडसे हॉयल ने भारत और लंकाशायर के ऐतिहासिक संबंधों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 1931 में महात्मा गांधी ने लंकाशायर की कपड़ा मिलों का दौरा किया था, जिससे यह संबंध और मजबूत हुआ।
ब्रिटेन के स्वास्थ्य सचिव वेस स्ट्रीटिंग ने भी भारत-ब्रिटेन स्वास्थ्य और जीव विज्ञान साझेदारी पर बात की। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी दोनों देशों के बीच सहयोग को गहरा करेगी और भारत इस सदी में एक वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि 21वीं सदी में तानाशाही नहीं, बल्कि लोकतंत्र मजबूत हो।”
👉 यह भी पढ़ें:
- भारत पर कमजोर मानसून का बड़ा संकट! 2009 के बाद सबसे कम बारिश का खतरा, फसलों और महंगाई पर असर संभव
- UPI के 10 साल पूरे: ₹314 लाख करोड़ के लेनदेन तक पहुंचा भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम
- सेमीफाइनल का सपना टूटा! ऑस्ट्रेलिया से 0-0 ड्रॉ के बाद महिला हॉकी वर्ल्ड कप से बाहर हुआ भारत
- मनुस्मृति पर राहुल गांधी के बयान से सियासत गरम, निशिकांत दुबे का पलटवार
- स्वतंत्रता दिवस पर हॉकी टीम ने दिया जीत का तोहफा, वेल्स को 3-1 से हराया
- स्वतंत्रता दिवस विशेष : आजादी के लिए आवश्यक हैं जन आंदोलन



