पीएम मोदी बोले- सरकार चलाने के लिए बहुमत, देश चलाने के लिए सहमति ज़रूरी

Date:


AI Audio Companion
Ready to stream full article

👉 यह भी पढ़ें:

0:00

0:00 left

पीएम मोदी बोले- सरकार चलाने के लिए बहुमत, देश चलाने के लिए सहमति ज़रूरी

18वीं लोकसभा के पहले सत्र से पहले सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने संसद के बाहर मीडिया को संबोधित किया.पीएम मोदी ने कहा, आज का दिवस वैभव का दिन है. आज़ादी के बाद पहली बार हमारी अपनी नई संसद में ये शपथ समारोह हो रहा है. अब तक ये प्रक्रिया पुराने सदन में हुआ करती थी.पीएम मोदी ने नए सांसदों का स्वागत किया.

वो बोले, जब देश की जनता ने तीसरे कार्यकाल के लिए एक सरकार पर मुहर लगाई है. मैं देश की जनता का आभार व्यक्त करता हूं. सरकार चलाने के लिए बहुमत होता है. पर देश चलाने के लिए सहमति बहुत ज़रूरी होती है. हमारी कोशिश होगी कि सबकी सहमति लेकर मां भारती की सेवा करें.

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में 25 जून 1975 को आपातकाल लगाए जाने का भी ज़िक्र किया.देश की जनता ने हमें तीसरी बार मौक़ा दिया है. हमारा दायित्व भी तीन गुणा बढ़ जाता है.पीएम बोले, दो बार सरकार चलाने का अनुभव हमारे साथ जुड़ा है. तीसरे कार्यकाल में हम पहले से तीन गुणा ज़्यादा मेहनत करेंगे. इस नए संकल्प के साथ हम आगे चल रहे हैं.सांसदों से देश को बहुत अपेक्षाएं हैं. मैं सांसदों से अपील करूंगा कि हम इस मौक़े का उपयोग करें और जनहित में कदम उठाएं.सदन में सामान्य मानवी की अपेक्षा रहती है कि बहस हो, निगरानी रखी जाए. लोगों की ये अपेक्षा नहीं है कि नखरे होते रहें, लोग नारे नहीं चाहते हैं. देश को एक ज़िम्मेदार विपक्ष की आवश्यकता है.

Abhilash Shukla (Editor)
Abhilash Shukla (Editor)http://www.hbtvnews.com
Abhilash Shukla is an experienced editor with over 28 years in journalism. He is known for delivering balanced, impactful, and credible news coverage.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाय कुरैशी ने एसआईआर पर उठाए सवाल, इस प्रक्रिया को लोकतंत्र से छेड़छाड़ बताया

चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया पर विपक्षी दल लगातार सवाल उठाते रहे हैं। अब पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाय कुरैशी ने एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि इस प्रक्रिया की नीयत ठीक नहीं है। इस प्रक्रिया के तहत करोड़ों वोटर्स के नाम हटाए गए हैं। यह लोकतंत्र के साथ छेड़छाड़ है।