👉 यह भी पढ़ें:
- Lok Sabha में जितेंद्र सिंह ने पेश किया पेपर लीक रोकने के लिए बिल, विपक्ष ने किया जोरदार हंगामा
- Defence Minister Rajnath Singh का विपक्ष पर हमला, कहा-स्टूडेंट्स को बनाया जा रहा पॉलिटिकल टूल
- Parliament Monsoon Session 2026: संसद में फिर हंगामा, NEET और छात्रों के मुद्दे पर विपक्ष का प्रदर्शन; लोकसभा-राज्यसभा दोपहर 12 बजे तक स्थगित
- Parliament Monsoon Session 2026: सर्वदलीय बैठक में विपक्ष का हंगामा, TMC के बागी सांसदों की मौजूदगी पर वॉकआउट; संसद में बढ़ सकता है सियासी टकराव
- Earthquake in Telangana: आधी रात कांपी धरती! 3.8 तीव्रता के भूकंप से दहशत में लोग, घरों से बाहर निकले हजारों निवासी
- Bhutan Earthquake: आधी रात कांपी धरती, बंगाल में मची अफरा-तफरी! मोबाइल अलर्ट के कुछ सेकंड बाद महसूस हुए तेज झटके
0:00 left
जी राम जी बिल 2025 पर घमासान, आधी रात को विपक्ष का धरना; देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीण रोजगार से जुड़े जी राम जी बिल 2025 को लेकर संसद में राजनीतिक टकराव चरम पर पहुंच गया। संसद के दोनों सदनों से विधेयक पारित होने के बाद विपक्षी दलों ने आधी रात को संविधान सदन के बाहर धरना शुरू कर दिया। विपक्ष ने इस कानून को गरीब, किसान और मज़दूर विरोधी बताते हुए लोकतंत्र पर हमला करार दिया और देशभर में आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी।
विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी–जी राम जी बिल को राज्यसभा ने आधी रात के बाद ध्वनि मत से पारित किया। इससे पहले लोकसभा इस विधेयक को मंज़ूरी दे चुकी थी। यह नया कानून महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह लेगा। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को सालाना 125 दिन का मजदूरी रोजगार देने का प्रावधान किया गया है।
बिल के पारित होते ही कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके समेत कई विपक्षी दलों के सांसद संसद परिसर में धरने पर बैठ गए। पूरी रात नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन जारी रहा। तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा उपनेता सागरिका घोष ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने इस विधेयक को जबरन पास कराया है। उन्होंने कहा कि यह कानून गरीबों, किसानों और ग्रामीण भारत के हितों के खिलाफ है।
वहीं सरकार का कहना है कि जी राम जी बिल ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार बढ़ाने और आजीविका के नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से लाया गया है। लेकिन विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वह इस कानून के खिलाफ संसद से सड़क तक संघर्ष जारी रखेगा।



