पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक ‘कॉकरोच’ ने धमाल मचा रखा है। आमतौर पर किचेन में ‘कॉकरोच’ देखकर महिलाएं डरती हैं, लेकिन इस ‘कॉकरोच’ ने तो सभी राजनीतिक दलों को हिला दिया है। मात्र चार-पांच दिनों में ही सोशल मीडिया पर इसके फॉलोअर्स की संख्या भाजपा-कांग्रेस जैसे बड़े राजनीतिक दलों से काफी आगे निकल गई।
इसी का परिणाम रहा कि गुरुवार को भारत में इस ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का मूल एक्स (X) अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया था। हालांकि, कुछ ही घंटों के भीतर इस समूह से जुड़ा एक नया अकाउंट सामने आ गया। वापसी के बाद नए अकाउंट से आलोचकों को जवाब देते हुए दो पोस्ट किए गए। एक पोस्ट में लिखा गया, “क्या आपको लगा कि आप हमसे छुटकारा पा लेंगे?” वहीं दूसरे पोस्ट में एक स्क्रीनशॉट शेयर किया गया। इसमें भाजपा और कॉकरोच पार्टी के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की तुलना की गई थी। इसके कैप्शन में लिखा गया कि यही हमारे ब्लॉक होने की असली वजह है।
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सीजेपी खुद को युवाओं का एक राजनीतिक मोर्चा बता रही है। मात्र चार-पांच दिनों में ही इसने युवाओं से लेकर आम जनता तक का जिस तरह ध्यान आकर्षित किया है, उससे जाहिर है कि यह लोगों के मन की बात कर रही थी। इसकी शुरुआत उस वक्त हुई जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत का एक बयान वायरल हुआ, जिसमें बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद अभिजीत दीपके नाम के शख्स ने 16 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए इस पार्टी की शुरुआत की।
जरा सोचिए, सिर्फ सोशल मीडिया पर ही खड़ी होने वाली इस पार्टी ने बड़े-बड़े राजनीतिक दलों की नींद उड़ा दी है। इसका मतलब साफ है कि लोगों में वर्तमान हुकूमत पर गुस्सा है, लेकिन लोग अपनी भड़ास नहीं निकाल पा रहे थे। जब मौका मिला तो युवाओं से लेकर आम लोग तक इस पर टूट पड़े।
भले ही इसके सोशल मीडिया अकाउंट पर बैन लग गया हो…जो नया अकाउंट बनता रहेगा, उस पर भी बैन लग सकता है…लेकिन इसके मुद्दों पर बैन लगाना मुश्किल होगा…
सत्तारूढ़ दल से लेकर विपक्ष में बैठे दलों को इस पर चिन्तन करना चाहिए…अगर सचमुच ऐसा कोई संगठन भारत में खड़ा हो गया फिर आपका क्या होगा…



