भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी बुधवार को भोपाल में कंधे पर गेहूं की बोरी लेकर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर पहुंचे। किसानों की फसलों के उचित दाम न मिलने और भावांतर योजना की जगह सीधा समर्थन मूल्य देने की मांग को लेकर उन्होंने प्रदर्शन किया।
किसान कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में करीब डेढ़ दर्जन किसान कांग्रेस कार्यालय पहुंचे और जीतू पटवारी से मुलाकात की। इसके बाद सभी ने मिलकर शिवराज सिंह से मिलने का फैसला लिया। जैसे ही यह लोग रेड क्रॉस चौराहे की ओर बढ़े, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोकने की कोशिश की। कई बार वाहन और अवरोधक लगाकर कांग्रेसियों को रोका गया, लेकिन जीतू पटवारी पुलिस को चकमा देते हुए लगातार आगे बढ़ते रहे।
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प्रदर्शनकारियों ने शिवराज के बंगले के सामने सड़क पर गेहूं की बोरियां खाली कर दीं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि सरकार किसानों को ठग रही है, और बार–बार सिर्फ वादे किए जा रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर राहत नहीं मिल रही। प्रदर्शनकारी शिवराज सिंह चौहान के आवास तक पहुंच गए, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। एक बोरी फटने से अनाज सड़क पर फैल गया, और कांग्रेस कार्यकर्ता वहीं बैठकर नारे लगाने लगे। इस बीच केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह खुद बाहर आए और जीतू पटवारी समेत कुछ नेताओं को बातचीत के लिए भीतर बुलाया। दोनों पक्षों के बीच कुछ देर चर्चा चली, लेकिन बाहर मौजूद कार्यकर्ता बंगले के अंदर जाने की ज़िद करते रहे, जिससे मौके पर पुलिस और कार्यकर्ताओं में हल्की झड़प भी हुई। जीतू पटवारी ने कहा कि पूर्व में बतौर मुख्यमंत्री और अब कृषि मंत्री के रूप में शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को केवल भावांतर योजना के जरिए ठगा है। उन्होंने मांग की कि किसानों को फसल का उचित मूल्य सीधा दिया जाए, न कि फॉर्मूला आधारित छूट देकर भ्रम फैलाया जाए।


