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पटना। बिहार के सीएम नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए चुन लिए गए हैं। ऐसे में भाजपा सीएम बनाने की कवायद में जुटी हुई है। आज बुधवार को जमुई में समृद्धि यात्रा के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने डिप्टी सीएम स्रमाट चौधरी के कंधे पर हाथ रख उनके समर्थन में लोगों से हाथ उठवाया और कहा-आगे यही सब काम देखेंगे।
नीतीश कुमार के इस बयान के बाद बिहार की सियासत में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। लोग कह रहे हैं कि नीतीश कुमार ने किसी रणनीति के तहत ही ऐसा किया है। इससे पहले 12 मार्च को भी उन्होंने एक जनसभा में कहा था कि उनकी नजर में सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद के लिए उपयुक्त चेहरा हैं। लगातार दो बार इस तरह के बयान आने से यह चर्चा और मजबूत हो गई है। अब कहा जा रहा है कि सम्राट चौधरी ही नीतीश कुमार की पहली पसंद हैं। बिहार के सियासी गलियारों में चर्चा यह भी है कि भले ही नीतीश कुमार दिल्ली जा रहे हैं, लेकिन बिहार की सियासत में उनकी दखलंदाजी रहेगी। ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि भाजपा शायद नीतीश कुमार की पसंद का भी ध्यान रख ले।
पहली बार पूरा होने जा रहा भाजपा का सपना
उल्लेखनीय है कि बिहार में भाजपा लंबे समय से अपना सीएम बनाने का सपना देख रही है, लेकिन नीतीश कुमार के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा था। भाजपा ने काफी तिकड़म के बाद नीतीश कुमार को बिहार से बेदखल कर रही है। ऐसे में भाजपा के लिए अपना सीएम बनाने का रास्ता साफ हो गया है। इसके एवज में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाने की तैयारी है।



