👉 यह भी पढ़ें:
- मोहन भागवत के अमेरिका दौरे पर विवाद! USCIRF ने वीजा रद्द करने की मांग की, भारत की धार्मिक स्वतंत्रता पर उठाए सवाल
- राहुल गांधी ने कहा- संघ ने यह तय कर लिया कि वह 1.5 अरब लोगों की सच्चाई जानता है
- खड़गे का बीजेपी पर तीखा हमला: ‘जिन्होंने आज़ादी की लड़ाई नहीं लड़ी, वे हमें देशभक्ति न सिखाएं’
- डेली कॉलेज में संघ के आयोजन पर उठे सवाल, अजय बागड़िया ने लिखा पत्र
- आरक्षण पर फिर गरमाई सियासत: मायावती का RSS पर पलटवार, बोलीं- SC-ST में क्रीमी लेयर की बात सामाजिक न्याय के खिलाफ
- Gen-Z पर संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान के क्या अर्थ लगाएं, सरकार की आलोचना कर रहे या ठंडा कर रहे युवाओं का गुस्सा
0:00 left
चित्तापुर में आरएसएस का पथ संचलन शांतिपूर्वक संपन्न, मंत्री प्रियांक खड़गे बोले—संघर्ष अभी शुरू हुआ है
कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे के विधानसभा क्षेत्र चित्तापुर में रविवार को आरएसएस का पथ संचलन शांति के साथ संपन्न हुआ। पिछले दिनों इस कार्यक्रम को लेकर काफी विवाद खड़ा हुआ था।

चित्तापुर में बैंड के साथ 300 स्वयंसेवकों ने डेढ़ किलोमीटर तक मार्च किया। रास्ते में मौजूद लोगों ने स्वयंसेवकों पर फूल बरसाए और समर्थकों ने “भारत माता की जय”, “जय श्री राम” जैसे नारे लगाए। यह पथ संचलन आरएसएस के शताब्दी समारोह का हिस्सा था।
किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस ने लोगों की एंट्री रोकी थी। सुरक्षा के लिए भारी बल लगाया था
इस पथ संचलन पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियांक खड़गे ने कहा,
“आरएसएस के साथ संघर्ष अभी शुरू हुआ है।”
कानूनी विवाद के बाद मिली मंज़ूरी
यह मार्च पहले 2 नवंबर को होना था, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। प्रशासन का कहना था कि उसी मार्ग और समय पर दलित संगठनों ने भी जुलूस निकालने की मांग की थी, इसलिए हालात “अनुकूल नहीं” थे।
आरएसएस ने इस निर्णय को कर्नाटक हाई कोर्ट की कलबुर्गी बेंच में चुनौती दी। जस्टिस एमजीएस कमल ने पक्षों के बीच शांति बैठक का निर्देश दिया था।
प्रियांक खड़गे ने पहले कहा था कि अब आरएसएस को भी अन्य संगठनों की तरह स्थानीय अधिकारियों को मात्र सूचित करने की बजाय सरकार से औपचारिक मंज़ूरी लेनी चाहिए।



