बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को फांसी की सजा, अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने माना दोषी

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बांग्लादेश। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने फांसी की सजा सुनाई है। बांग्लादेश में तख्तापटल के 15 महीने बाद 17 नवंबर को सजा का एलान किया गया। पिछले साल छात्र नेतृत्व वाले आंदोलन के दौरान मानवता के खिलाफ कथित अपराधों के लिए उन पर उनकी अनुपस्थिति में मुकदमा चलाया जा रहा है।

जज ने एक जांच रिपोर्ट के हिस्से का हवाला देते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश में विरोध प्रदर्शन कर रहे नागरिकों को मारने के लिए हेलीकॉप्टर और घातक हथियारों का इस्तेमाल करने का आदेश दिया था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह आदेश शेख हसीना और दक्षिण ढाका म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के पूर्व मेयर शेख फजल नूर तपोश के बीच हुई कथित बातचीत पर आधारित है। जज ने यह भी बताया कि जांच टीम ने घटनाओं की गहन छानबीन की है और कई गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि आदेश का उद्देश्य विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित करना था, लेकिन इसके लिए किसी भी नागरिक की जान को खतरे में डालने से भी पीछे नहीं हटने का इशारा किया गया। आईसीटी ने कहा कि शेख हसीना का अपराध मानवता के खिलाफ है।

जज ने जांच रिपोर्ट के हवाले से बताया कि शेख हसीना की सरकार ने अबू सैयद के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को चार से पांच बार बदलवाया। अबू सैयद 16 जुलाई 2024 को पुलिस फायरिंग के दौरान मारा गया था। उसकी मौत ने छात्र-नेतृत्व वाले विरोध को और बल दिया, जो शेख हसीना सरकार को हटाने की मांग कर रहे थे। जज ने बताया कि सरकार ने डॉक्टर को धमकाया और कहा कि उनके खिलाफ इंटेलिजेंस रिपोर्ट है, जिससे डॉक्टर को अबू सैयद की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बदलने के लिए मजबूर किया गया।

शेख हसीना पर आईसीटी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने विरोध कर रहे छात्रों को मारने का आदेश दिया था। हसीना ने ढाका विश्वविद्यालय के कुलपति के साथ फोन पर हुई बातचीत में विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। न्यायाधीश ने कहा कि हसीना ने ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों को अपमानित किया और इससे छात्र गुस्से में आ गए। हसीना ने छात्रों को नुकसान पहुंचाने के लिए कार्रवाई के आदेश दिए थे. कोर्ट ने कहा कि उनके बयान केवल अपमानजनक नहीं बल्कि हिंसा भड़काने वाले भी थे।

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