देवास में 20 दिनों में 13 मौतें हुईं, जिनमें 4 दोस्तों की जान भी गई। ग्रामीणों का कहना है कि ये मौतें जहरीली शराब के सेवन से हुई हैं। यह मामला मध्य प्रदेश के देवास जिले के ग्राम चंदाना और बिंजाना का है।
देवास में 20 दिनों में हुई 13 मौतें, ग्रामीणों का आरोप जहरीली शराब पर
मध्य प्रदेश के देवास जिले के ग्राम चंदाना और बिंजाना में 20 दिनों के भीतर 13 मौतें दर्ज की गईं। इनमें अधिकांश मृतक युवा हैं। स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि इन सभी ने जहरीली शराब पी थी, जिसके कारण उनकी मौत हुई। खासतौर पर चार दोस्तों की मौत एक साथ हुई, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया।
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प्रशासन ने जहरीली शराब से मौत के दावे को किया खारिज
वहीं, देवास के कलेक्टर और जिला प्रशासन ने इस मामले में जहरीली शराब के कारण मौत होने के दावे को भ्रामक बताया है। प्रशासन का कहना है कि शुरुआती जांच में मौतों के पीछे बीमारी या अन्य चिकित्सीय कारण सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि जांच जारी है और जल्द ही सच्चाई सामने आएगी।
स्वास्थ्य विभाग की जांच और मौके पर कार्रवाई जारी
स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में टीम भेज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और संदिग्ध शराब की बिक्री पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी अवैध या जहरीली शराब का व्यापार न हो।

ग्रामीणों की चिंता और स्थानीय हालात
ग्रामीणों का कहना है कि जहरीली शराब की वजह से कई परिवार तबाह हो गए हैं। उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा, स्थानीय लोग डर और असुरक्षा की स्थिति में हैं। वे चाहते हैं कि इस मामले की जांच पारदर्शिता से हो और दोषियों को सजा मिले।
मध्य प्रदेश में शराब के कारण मौतों की बढ़ती घटनाएं
यह पहला मामला नहीं है जब मध्य प्रदेश में जहरीली शराब के कारण लोगों की मौत हुई हो। पिछले कुछ महीनों में कई जिलों में ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि अवैध शराब की समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है। प्रशासन को इन घटनाओं को रोकने के लिए बेहतर कदम उठाने की जरूरत है।
आगे की संभावनाएं और प्रशासन की भूमिका
आगे प्रशासन की जांच रिपोर्ट और कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। यदि जहरीली शराब का मामला साबित होता है, तो कड़ी सजा और नियंत्रण उपाय लागू किए जाएंगे। वहीं, सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान भी आवश्यक होंगे। इससे ग्रामीणों को सही जानकारी मिलेगी और वे सुरक्षा बरतेंगे।



