कोलकाता एयरपोर्ट पर विदेशी मुद्रा जब्ती की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। हालाँकि, कोलकाता एयरपोर्ट पर CISF ने 1.14 करोड़ रुपये की विदेशी करेंसी जब्त की खबर के सटीक आंकड़ों की पुष्टि कोई स्वतंत्र मीडिया रिपोर्ट नहीं करती।
कोलकाता एयरपोर्ट पर विदेशी मुद्रा जब्ती का इतिहास
कोलकाता एयरपोर्ट पर विदेशी मुद्रा जब्ती के कई मामले दर्ज हैं। मई 2022 में, ईडी ने 1.65 लाख अमेरिकी डॉलर और 30,460 यूरो जब्त किए थे, जिनकी कीमत लगभग 1.53 करोड़ रुपये थी। इसके अलावा, सितंबर 2022 में एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने दुबई जाने वाले यात्री के पास से 11.87 लाख अमेरिकी डॉलर बरामद किए थे, जिनकी कीमत 9.34 करोड़ रुपये के करीब थी।
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1.14 करोड़ की करेंसी जब्ती का वास्तविक विवरण
दरअसल, 1.14 करोड़ रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा जब्ती का रिकॉर्ड कोलकाता एयरपोर्ट से नहीं जुड़ा है। मई 2017 में बेंगलुरु केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट पर डीआरआई और CISF की संयुक्त कार्रवाई में यह राशि जब्त की गई थी। इसी तरह, मुंबई एयरपोर्ट पर भी CISF ने 1.14 करोड़ रुपये मूल्य की मुद्रा जब्त की थी।
कोलकाता एयरपोर्ट पर CISF की हालिया कार्रवाई
सितंबर 2022 में कोलकाता एयरपोर्ट पर CISF और कस्टम्स ने एक यात्री से 1 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के अमेरिकी डॉलर जब्त किए थे। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा अवैध ले जाने के खिलाफ कड़ी निगरानी का हिस्सा थी।

विदेशी मुद्रा जब्ती का आम आदमी पर प्रभाव
विदेशी मुद्रा जब्ती की घटनाएं आम जनता के लिए चेतावनी हैं कि हवाई अड्डों पर निगरानी सख्त हो गई है। इससे अवैध मुद्रा ले जाने वाले लोग सतर्क हो सकते हैं। वहीं, यात्रियों के लिए भी आवश्यक है कि वे नियमों का पालन करें और आवश्यक दस्तावेज लेकर यात्रा करें।
सीआईएसएफ और कस्टम्स की भूमिका
सीआईएसएफ हवाई अड्डों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है, जबकि कस्टम्स विदेशी मुद्रा के नियमों को लागू करता है। दोनों एजेंसियां मिलकर अवैध मुद्रा प्रवाह को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनकी सतर्कता से भारत में काला धन और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी समस्याओं से निपटने में मदद मिलती है।
आगे की संभावनाएं और निगरानी बढ़ाने की जरूरत
विदेशी मुद्रा जब्ती के मामलों में बढ़ोतरी ने यह दर्शाया है कि हवाई अड्डों पर निगरानी को और मजबूत करने की आवश्यकता है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां लगातार तकनीकी सुधार और प्रशिक्षण के माध्यम से इस दिशा में काम कर रही हैं। इससे अवैध मुद्रा ले जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई संभव होगी।



