मध्य प्रदेश में शराबबंदी की मांग बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी सनातन हिंदू एकता एवं गौ सम्मान रथयात्रा 3.0 के दौरान सागर और टीकमगढ़ जिलों में जोर-शोर से उठाई। इस दौरान उन्होंने राज्य में शराब की बिक्री और सेवन को पूरी तरह प्रतिबंधित करने की बात कही।
शराबबंदी की मांग के पीछे जहरीली शराब कांड
धीरेंद्र शास्त्री ने अक्टूबर 2026 में सागर जिले के बंडा क्षेत्र में हुई जहरीली शराब से मौतों की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह घटना राज्य में शराब की अनियंत्रित बिक्री का दर्दनाक परिणाम है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी से ही इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा समाज के विनाश का मूल कारण है और इसे रोकना आवश्यक है।
बुंदेलखंड में शराब की दुकानों पर तत्काल प्रतिबंध की अपील
बुंदेलखंड क्षेत्र के विशेष महत्व को देखते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने इस क्षेत्र में शराब की दुकानों को बंद करने की तत्काल मांग की। उन्होंने धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के आस-पास शराब की बिक्री को विशेष रूप से प्रतिबंधित करने का आह्वान किया।
उनका मानना है कि इस कदम से सामाजिक सद्भाव और धार्मिक सम्मान बढ़ेगा।
नशामुक्ति के लिए जन-जागरण यात्रा की घोषणा
धीरेंद्र शास्त्री ने नशामुक्ति अभियान को नई दिशा देने के लिए एक जन-जागरण यात्रा निकालने की घोषणा की। यह यात्रा सामाजिक समरसता और हिंदू एकता के साथ नशे के खिलाफ होगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी राजनीतिक दल से प्रेरित नहीं है, बल्कि समाज सुधार और राम नीति पर आधारित है।
मध्य प्रदेश सरकार से शराब लाइसेंस रद्द करने की मांग
उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रशासन से अपील की कि वे धार्मिक और पवित्र स्थलों के आसपास शराब की दुकानों के लाइसेंस को रद्द करें।
धीरेंद्र शास्त्री ने बिहार और गुजरात जैसे राज्यों के सफल शराबबंदी के उदाहरण भी पेश किए।
युवा वर्ग को नशा छोड़ने का संदेश
शास्त्री ने युवाओं को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि जब युवा जागेंगे, तभी भारत जागेगा। उन्होंने नशा छोड़कर पारंपरिक और सनातन मूल्यों को अपनाने पर जोर दिया।
उनका कहना है कि नशा व्यक्ति और समाज दोनों को कमजोर करता है और इसे रोकना समाज की जिम्मेदारी है।
शराबबंदी की मांग का संभावित प्रभाव
मध्य प्रदेश में शराबबंदी लागू होने पर सामाजिक और आर्थिक स्तर पर कई बदलाव आएंगे। इससे नशे से जुड़े अपराधों में कमी आने की उम्मीद है।
हालांकि, शराब व्यापार से जुड़े लोगों और दुकानदारों को आर्थिक चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। सरकार को संतुलित नीति बनाने की आवश्यकता होगी।



