संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संसद में वोट चोरी और पुलिस कार्रवाई पर विशेष सत्र की मांग की है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने 12 अक्टूबर 2026 को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि देश में बढ़ती चुनावी अनियमितताओं और पुलिस की कठोर कार्रवाई पर संसद में खुलकर चर्चा होनी चाहिए।
संजय सिंह ने वोट चोरी और पुलिस कार्रवाई पर विशेष सत्र की मांग की
संजय सिंह ने अपने पत्र में वोट चोरी, मतदाता सूचियों में भारी गड़बड़ी और प्रदर्शनकारियों तथा आम नागरिकों पर पुलिस द्वारा की जा रही कड़ी कार्रवाई को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि यह विषय लोकतंत्र की जड़ें कमजोर कर रहा है। इसलिए संसद का विशेष सत्र बुलाकर इन मुद्दों पर खुली बातचीत होनी चाहिए।
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उनका कहना है कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों की रक्षा हमारे लोकतंत्र की बुनियाद है।
मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने का आरोप
पत्र में संजय सिंह ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत देशभर की मतदाता सूचियों से 13 करोड़ 37 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस गड़बड़ी को वोट चोरी की एक बड़ी साजिश बताया है।
संजय सिंह का कहना है कि इससे चुनावी निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न उठते हैं और लोकतंत्र को खतरा होता है। उन्होंने इसे तुरंत संसद में उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
संजय सिंह और विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की लगातार मांग की है। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग निष्पक्षता से कार्य नहीं कर रहा है और मतदाता सूची में गड़बड़ी की अनुमति दे रहा है।
संजय सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता लोकतंत्र की आधारशिला है। यदि यह क्षतिग्रस्त हो जाती है, तो देश के चुनावों की वैधता पर सवाल उठेंगे।

संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन और पुलिस की कड़ी कार्रवाई
पत्र में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(b) का हवाला देते हुए संजय सिंह ने कहा कि सभी नागरिकों को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार है। इसके बावजूद पुलिस बलपूर्वक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही है और आवाजाही पर पाबंदियां लगा रही है।
उन्होंने दिल्ली में 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और जंतर-मंतर व चुनाव आयोग मुख्यालय के आसपास कड़ी बैरिकेडिंग को भी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के खिलाफ बताया।
गांधी जयंती पर संसद में धरना और पुलिस की कार्रवाई
संजय सिंह ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर संसद भवन में बापू की प्रतिमा के समक्ष धरना दिया था। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि विरोध मार्च के दौरान पुलिस द्वारा उन्हें और अन्य नेताओं को हिरासत में लेने की घटनाएं हुईं।
उन्होंने कहा कि यह व्यवहार लोकतंत्र के मूल्य और संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ है। इसलिए इस पर संसद में खुली बहस आवश्यक है।
संसद में खुली चर्चा से लोकतंत्र को मजबूती मिलेगी
संजय सिंह ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और पुलिस कार्रवाई जैसे गंभीर मुद्दों पर संसद में खुली बहस होनी चाहिए। इससे न केवल आम जनता का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि लोकतंत्र मजबूत होगा।
विशेष सत्र की मांग का मकसद देश के सामने इन समस्याओं को लाना और समाधान के लिए ठोस कदम उठाना है। इससे आम आदमी को भी न्याय मिलेगा और लोकतांत्रिक संस्थान सशक्त होंगे।



