भोपाल के नीलबड़ क्षेत्र में स्थित शासकीय श्रमोदय आवासीय विद्यालय के हॉस्टल में शनिवार रात खाने के बाद 13 बच्चों को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई। यह घटना श्रमोदय आवासीय स्कूल के 13 बच्चों को उल्टी-पेट दर्द से जुड़ी है, जिसमें बच्चों ने खाने में छिपकली मिलने का दावा किया है।
शासकीय श्रमोदय आवासीय विद्यालय में घटना का विवरण
यह समस्या 10 अक्टूबर 2026 की रात हॉस्टल मेस में भोजन वितरण के दौरान सामने आई। बच्चों ने खाना खाने के तुरंत बाद पेट दर्द, उल्टी, घबराहट और सीने में जलन की शिकायत की। प्रभावित छात्र कक्षा 6वीं से लेकर 9वीं तक के थे। घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को जेपी अस्पताल में भर्ती कराया जहाँ उनका इलाज चल रहा है।
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विद्यालय में कुल 1120 छात्र-छात्राएं हॉस्टल में रहते हैं और भोजन की गुणवत्ता पर हमेशा निगरानी रखी जाती है।
खाने में छिपकली मिलने का छात्रों का दावा
खाने में छिपकली मिलने की बात सबसे पहले बच्चों ने ही उठाई। उन्होंने बताया कि आलू की सब्जी में मरी छिपकली मिली थी, जिसके कारण उन्हें फूड पॉइजनिंग हुई। इस सूचना पर भोजन वितरण तुरंत रोक दिया गया और नया खाना तैयार कर छात्रों को परोसा गया।
हालांकि, पुलिस और प्रशासन ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच के लिए खाना के नमूने जब्त कर लिए गए हैं।
प्रशासनिक और पुलिस जांच की पहल
रातिबढ़ थाना पुलिस ने घटना की जानकारी मिलते ही जांच शुरू की है। जेपी अस्पताल की टीम भी मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस ने भोजन के नमूने कब्जे में लेकर फूड सेफ्टी की जांच करवाई जा रही है।
थाना प्रभारी रासबिहारी शर्मा ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
श्रमोदय आवासीय विद्यालय की मेस व्यवस्था पर पहले से संदेह
यह पहली बार नहीं है जब इस विद्यालय की मेस व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। इससे पहले भी मेस से जुड़ी वित्तीय गड़बड़ी और फर्जीवाड़े के आरोप लगे थे। आर्थिक अपराध शाखा इस मामले की जांच कर रही है।
इस बार की घटना के बाद मेस संचालन की गुणवत्ता पर और कड़ी नजर रखने की उम्मीद जताई जा रही है।
छात्रों और अभिभावकों की चिंता और प्रतिक्रिया
छात्रों के उल्टी-पेट दर्द की खबर से अभिभावक चिंतित हैं। वे चाहते हैं कि बच्चों के खाने की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। कई अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन से जवाब मांगा है।
स्कूल प्रिंसिपल रत्ना दुबे ने बताया कि मेस में बिजली की समस्या के कारण यह घटना हुई हो सकती है। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर मेस संचालक का अनुबंध समाप्त किया जाएगा।
भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के उपायों पर ध्यान
श्रमोदय आवासीय स्कूल की घटना से स्पष्ट होता है कि आवासीय विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता बनाए रखना बेहद जरूरी है। नियमित जांच, साफ-सफाई और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करना आवश्यक होगा।
पुलिस जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से भविष्य में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।



