INDvsWI हार के बाद गौतम गंभीर ने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर चिंता जाहिर की है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरे टी20 मैच में भारतीय गेंदबाजों की कमजोरी ने टीम को महंगी पड़ गई।
रांची में दूसरा टी20 मैच हुआ रोमांचक
9 अक्टूबर 2026 को रांची के JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा टी20 मुकाबला खेला गया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 249 रन बनाए। संजू सैमसन ने 82, तिलक वर्मा ने नाबाद 44, ईशान किशन ने 43 और श्रेयस अय्यर ने 40 रन की महत्वपूर्ण पारियां खेलीं।
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हालांकि, वेस्टइंडीज की टीम ने 18.3 ओवर में 4 विकेट खोकर 252 रन बनाकर 6 विकेट से जीत दर्ज की।

वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने भारत के गेंदबाजों को किया परेशान
वेस्टइंडीज के कप्तान साई होप ने 45 गेंदों में 102 रन की नाबाद शतकीय पारी खेली। इसके अलावा शेरफेन रदरफोर्ड ने 37 गेंदों में 84 रन बनाकर मैच का अंत भारत के लिए मुश्किल कर दिया। इन दोनों खिलाड़ियों ने भारतीय गेंदबाजों की कमजोरियों का भरपूर फायदा उठाया।
गौतम गंभीर ने गेंदबाजों पर जताई चिंता
मैच के बाद भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने गेंदबाजों के प्रदर्शन को लेकर स्पष्ट चिंता जताई। उन्होंने कहा, “गेंदबाजों का करियर भी दांव पर होता है। हमें बल्लेबाजी और गेंदबाजी में संतुलन बनाना होगा।” गंभीर ने ओस और पिच की स्थिति को चुनौती माना लेकिन इसके बावजूद गेंदबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई।
मयंक यादव ने गेंदबाजी में दिखाया दम
तेज गेंदबाज मयंक यादव भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 3 ओवरों में 36 रन देकर 3 विकेट लिए, और 149.5 किमी/घंटे की गति से गेंदबाजी की। बावजूद इसके टीम की गेंदबाजी पूरी तरह विपक्षी बल्लेबाजों को रोकने में नाकाम रही।
टी20 में बल्लेबाजी का दबदबा और गेंदबाजों की चुनौती
हालिया टी20 मैचों में बल्लेबाजों का दबदबा बढ़ा है। भारत-वेस्टइंडीज के बीच वनडे और टी20 दोनों सीरीज में उच्च स्कोर देखने को मिला। ऐसी परिस्थितियों में गेंदबाजों के लिए मुकाबला और अधिक कठिन हो जाता है।
गौतम गंभीर ने कहा कि दुनिया की टॉप टीम होने के नाते भारत को हर परिस्थिति से निपटना आना चाहिए। गेंदबाजों को नई रणनीतियों के साथ विरोधी टीम को रोकना होगा।
सीरीज की बराबरी के साथ बढ़ा दबाव
वेस्टइंडीज की इस जीत के बाद 5 मैचों की टी20 सीरीज में दोनों टीमों की स्थिति 1-1 की बराबरी पर आ गई है। अब आगामी मैचों में भारतीय टीम के लिए दबाव बढ़ गया है। गेंदबाजों को सुधार कर बेहतर प्रदर्शन देना होगा ताकि टीम जीत की राह पर लौट सके।
गौतम गंभीर की चिंताएं गेंदबाजी विभाग में सुधार की आवश्यकता को दर्शाती हैं। इस सीरीज में गेंदबाजों की भूमिका निर्णायक साबित होगी।



