नाना पाटेकर के दमदार किरदारों की यादें ताजा हो गई हैं, खासकर उनकी फिल्म ‘क्रांतिवीर’ का वह सीन, जो सोशल मीडिया पर फिर से छाया हुआ है। इस सीन में नाना पाटेकर ने धर्म के नाम पर लोगों को बांटने वाली सोच पर तीखा प्रहार किया था। उनके निधन के बाद यह संवाद और भी अधिक प्रभावशाली बन गया है।
नाना पाटेकर का निधन और अस्पताल में प्रयास
75 वर्षीय नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को गोवा स्थित उनके आवास पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उन्हें सुबह बेहोशी की हालत में पाया गया और तुरंत डोना पाउला के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने लगभग 45 मिनट तक सीपीआर कर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
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‘क्रांतिवीर’ का सीन हुआ वायरल
नाना पाटेकर के निधन की खबर के बाद उनकी 1994 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘क्रांतिवीर’ का क्लाइमेक्स सीन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस सीन में उनका किरदार प्रताप भीड़ के सामने खड़ा होकर धर्म के नाम पर मानवता को बांटने पर सवाल उठाता है।
यह सीन उनकी भावनात्मक और दमदार आवाज़ के कारण आज भी दर्शकों के दिलों में घर करता है।
प्रताप का किरदार और राष्ट्रीय पुरस्कार
फिल्म में नाना पाटेकर ने प्रताप नाम के बागी शख्स की भूमिका निभाई थी, जिसे फांसी की सजा सुनाई जाती है। मंच से वह भीड़ और समाज की धार्मिक विभाजन पर कटाक्ष करता है। उनके इस किरदार के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला था।
इम्प्रोवाइजेशन से बना यादगार संवाद
विशेषज्ञों के अनुसार, ‘क्रांतिवीर’ का वह प्रसिद्ध मोनोलॉग स्क्रिप्ट का हिस्सा नहीं था। नाना पाटेकर ने बिना स्क्रिप्ट के अपने अंदाज में उस सीन को निभाया, जो दर्शकों के लिए बेहद प्रभावशाली साबित हुआ। उनकी आवाज़ में गुस्सा और दर्द साफ झलकता है।
सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि और प्रतिक्रियाएं
नाना पाटेकर के निधन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अभिनेता अक्षय कुमार समेत कई हस्तियों ने शोक व्यक्त किया। उनके चाहने वालों ने सोशल मीडिया पर उनकी फिल्मों के यादगार सीन साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। ‘क्रांतिवीर’ के संवाद जैसे “आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने…” और “यह मुसलमान का खून, यह हिंदू का खून…” खासतौर पर छाए हुए हैं।
नाना पाटेकर के अभिनय की गहराई
नाना पाटेकर सिर्फ गुस्सैल या गंभीर किरदारों के लिए ही नहीं, बल्कि कॉमेडी और दबंग रोल्स के लिए भी जाने जाते थे। फिल्म ‘वेलकम’ में उनका उदय शेट्टी का किरदार आज भी यादगार है। उनकी आंखों की भाषा और संवाद की प्रस्तुति ने हिंदी सिनेमा को कई बेहतरीन किरदार दिए।
उनका यह बहुमुखी अभिनय उनकी लोकप्रियता और सम्मान का बड़ा कारण था।



