सागर में बीना-आगासौद के बीच तीसरी रेल लाइन के लिए यार्ड रीमॉडलिंग का काम चल रहा है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के कारण 15 अक्टूबर तक 17 ट्रेनों का रूट बदलेगा, जो यात्रियों के लिए जरूरी बदलाव लेकर आएगा।
बीना-आगासौद के बीच तीसरी रेल लाइन का निर्माण कार्य
पश्चिम-मध्य रेलवे के बीना स्टेशन और उत्तर-मध्य रेलवे के आगासौद स्टेशन के बीच तीसरी रेल लाइन जोड़ने के लिए यार्ड रीमॉडलिंग का काम 1 सितंबर से शुरू हुआ है। यह प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग चरणबद्ध बुनियादी ढांचे का हिस्सा है। रेलवे प्रशासन का उद्देश्य ट्रेनों के परिचालन को और अधिक कुशल और विश्वसनीय बनाना है।
👉 यह भी पढ़ें:
यह कार्य 15 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा, जिससे यार्ड की क्षमता बढ़ेगी और भविष्य में ट्रेनों के संचालन में सुधार होगा।

17 ट्रेनों का रूट डायवर्जन और उसका प्रभाव
सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने 17 यात्री ट्रेनों के मार्गों में बदलाव किया है। ये ट्रेनें इटारसी, जबलपुर, कटनी जंक्शन, न्यू कटनी जंक्शन, गुना, मक्सी और कोटा जैसे वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट की जाएंगी।
इस बदलाव से कुछ प्रमुख ट्रेनें जैसे रीवा-रानी कमलापति दैनिक रीवांचल एक्सप्रेस, जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन गोंडवाना एक्सप्रेस और रीवा-डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस प्रभावित होंगी। यात्रियों को अपनी यात्रा से पहले ट्रेन शेड्यूल की जानकारी लेना आवश्यक है।
रेलवे सेवा में निरस्तीकरण और शॉर्ट टर्मिनेशन
यार्ड रीमॉडलिंग के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भोपाल मंडल से गुजरने वाली करीब 20 ट्रेनों को 15 और 16 अक्टूबर 2026 को निरस्त कर दिया गया है। इसके अलावा कुछ ट्रेनों को उनके गंतव्य स्टेशन से पहले ही समाप्त किया जाएगा या वैकल्पिक स्टेशन से चलाया जाएगा।
जैसे दमोह-बीना पैसेंजर ट्रेन अब बीना मालखेड़ी पर समाप्त होगी, जबकि बीना-ग्वालियर पैसेंजर ट्रेन बीना मालखेड़ी से चलेगी। यह बदलाव यात्रियों के लिए असुविधाजनक हो सकता है, इसलिए उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सलाह और तैयारी
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति, नया रूट और प्रस्थान स्टेशन जरूर जांचने की सलाह दी है। इससे वे स्टेशन पहुंचने के बाद किसी अप्रत्याशित परेशानी से बच सकेंगे।
विशेषकर भोपाल, दमोह, इटारसी, और बीना के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को यह बदलाव समझना आवश्यक होगा ताकि उनकी यात्रा सुगम बनी रहे।
तीसरी रेल लाइन जोड़ने से भविष्य में मिलने वाले लाभ
तीसरी रेल लाइन के जुड़ने और यार्ड रीमॉडलिंग के पूरा होने से यार्ड की क्षमता में वृद्धि होगी। इस वजह से ट्रेनों का परिचालन अधिक विश्वसनीय, समयबद्ध और कुशल होगा।
रेलवे नेटवर्क में यह सुधार लंबी अवधि में यातायात बढ़ाने और ट्रेनों के बीच देरी को कम करने में मदद करेगा। इससे क्षेत्रीय विकास को भी बल मिलेगा।
परिवहन व्यवस्था में हो रहे बदलावों का व्यापक असर
बीना-आगासौद के बीच तीसरी रेल लाइन निर्माण के कारण रेल सेवा में हो रहे बदलावों का असर आम यात्री से लेकर मालवाहक ट्रेनों तक व्यापक रूप में दिखेगा।
यात्रियों को अधिक सावधानी और पूर्व योजना के साथ यात्रा करनी होगी। रेलवे विभाग भी इन परिवर्तनों के दौरान यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।



