मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित MSME महाकुंभ में 3100 उद्यमियों ने पंजीयन कराया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम का नाम “उद्यम समागम-2026” था, जिसमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के विकास पर विशेष चर्चा हुई।
3100 उद्यमियों ने किया MSME महाकुंभ में पंजीयन
MSME महाकुंभ में देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लगभग 3100 उद्यमियों ने पंजीयन कराया। लघु उद्योग भारती के प्रदेश महामंत्री अरुण सोनी ने बताया कि इस बड़ी संख्या से पता चलता है कि सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों में देश का उद्यमी वर्ग कितना उत्साहित है। इस समागम का आयोजन 2 अक्टूबर 2026 को इंदौर के गुरु अमरदास हॉल में हुआ।
👉 यह भी पढ़ें:
इस कार्यक्रम के दौरान उद्यमियों के बीच नेटवर्किंग के अवसर भी प्रदान किए गए। इससे उन्हें अपने व्यवसाय को विस्तार देने में मदद मिलेगी।
सांसद शंकर लालवानी ने MSME नीति सुधार पर दिया जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सांसद शंकर लालवानी ने MSME नीति सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि देश की आत्मनिर्भरता के लिए सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों का विकास अनिवार्य है।
लालवानी ने यह भी बताया कि जब भी सरकार औद्योगिक नीतियां बनाती है, तब लघु उद्योग भारती द्वारा दिए गए सुझावों को विशेष महत्व दिया जाता है। इससे नीतियों में उद्यमियों की ज़रूरतों को बेहतर तरीके से शामिल किया जाता है।
लघु उद्योग भारती की तैयारी और भूमिका
लघु उद्योग भारती की लगभग 100 सदस्यों की टीम पिछले दो महीनों से इस MSME महाकुंभ की तैयारियों में लगी हुई थी। उनकी मेहनत से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
टीम ने उद्यमियों के लिए विभिन्न सेमिनार, वर्कशॉप और उत्पाद प्रदर्शनी का आयोजन किया। यह समागम उद्यमियों को नए तकनीकी समाधान और वित्तीय संसाधन तलाशने में मददगार साबित हुआ।
सत्येंद्र भूषण ने उद्यमियों को दिया भरोसा
लघु उद्योग निगम मध्य प्रदेश के अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण ने कहा कि मध्य प्रदेश में नए उद्योगों की स्थापना से लेकर उनके सफल संचालन तक लघु उद्योग भारती हमेशा उद्यमियों के साथ खड़ी रहेगी।
उन्होंने बताया कि सरकार की योजनाएं और निगम की सहायता से MSME क्षेत्र में विकास के नए अवसर खुल रहे हैं। इससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति और रोजगार सृजन दोनों को बल मिलेगा।
सॉल्यूशंस हब और उत्पाद प्रदर्शनी का हुआ उद्घाटन
उद्यम समागम-2026 में ‘सॉल्यूशंस हब’ और उत्पाद प्रदर्शनी का उद्घाटन सांसद शंकर लालवानी और सत्येंद्र भूषण ने संयुक्त रूप से किया। इस प्रदर्शनी में विभिन्न क्षेत्रों के औद्योगिक उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित किया गया।
इस प्रदर्शनी ने उद्यमियों को नवीनतम तकनीकों और बाजार की मांगों को समझने का अवसर दिया। साथ ही, यह मंच नए व्यापारिक गठजोड़ और सहयोग के लिए भी उपयोगी रहा।
MSME महाकुंभ में उठाए गए महत्वपूर्ण मुद्दे
समागम के दौरान MSME क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों पर व्यापक चर्चा हुई। जैसे कि तकनीकी उन्नयन, नए बाजारों की खोज, वित्तीय सहायता और युवा एवं महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना।
उद्यमियों ने इन मुद्दों पर अपने सुझाव और अनुभव साझा किए, जिससे नीति निर्माताओं को भी इन बातों को ध्यान में रखने में मदद मिलेगी। इससे MSME क्षेत्र को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।



