रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल हत्या मामले में 5 करोड़ के वित्तीय विवाद का खुलासा हुआ है। यह विवाद उनके निवेश से जुड़ी धोखाधड़ी से संबंधित है, जो हत्या के पीछे की गुत्थी को और जटिल बनाता है। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि राकेश अग्रवाल ने पिछले 11 महीनों में दो अलग-अलग व्यक्तियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी।
हत्या की घटना और मुख्य संदेही का फरार होना
भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरजनगर स्थित राकेश अग्रवाल के आवास पर 30 सितंबर 2026 की तड़के 2 से 3 बजे के बीच उनकी गला रेतकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में मुख्य संदेही के रूप में उनके घर पर रखे गए केयरटेकर-वरुण कुमार को चिन्हित किया है, जो घटना के बाद से फरार है। वरुण को घटना से कुछ दिन पूर्व ही एक एजेंसी के माध्यम से नियुक्त किया गया था। हत्या के बाद वे बीना और आगरा होते हुए फरार हो गए।
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वित्तीय विवाद से जुड़े 5 करोड़ के धोखाधड़ी मामले
पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि राकेश अग्रवाल ने दो व्यक्तियों के खिलाफ कुल 5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले दर्ज कराए थे। पहला मामला अजीत पाटनी के खिलाफ था, जिसमें ₹1 करोड़ से अधिक का निवेश धोखाधड़ी का आरोप था। इस मामले में अजीत को अक्टूबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था। दूसरा मामला ₹4 करोड़ की धोखाधड़ी का है, जो एक अन्य निवेशक से जुड़ा है।
कोर्ट में गवाही से पहले हुई हत्या का एंगल
राकेश अग्रवाल की हत्या उस समय हुई जब दोनों धोखाधड़ी के मामले अदालत में चल रहे थे। अक्टूबर 2026 के पहले सप्ताह में उनकी महत्वपूर्ण गवाही होनी थी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या हत्या का मकसद उनकी गवाही को रोकना था। इस वजह से हत्या के पीछे वित्तीय विवाद और अदालत के मामले को मुख्य जांच एंगल माना जा रहा है।
घटना स्थल से मिले सबूत और आग लगाने की कोशिश
हत्या के बाद पुलिस ने घर की जांच में रसोई गैस सिलेंडर की पाइप कटी हुई पाई, जिससे आग लगाने का प्रयास माना जा रहा है। यह कोशिश सबूत मिटाने की मानी जा रही है। मृतक की पत्नी निशि अग्रवाल ने सुबह कमरे का दरवाजा बाहर से बंद पाया था। यह सबूत घटना के पीछे की गंभीर साजिश की ओर संकेत करते हैं।

फरार आरोपी का मोबाइल आगरा में बरामद
पुलिस ने तकनीकी जांच के दौरान फरार आरोपी वरुण कुमार के पास से मृतक का मोबाइल फोन बरामद किया, जो वारदात के स्थान से लगभग 524 किलोमीटर दूर आगरा में सक्रिय मिला। पुलिस ने उस व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जिसके पास मोबाइल था, ताकि मोबाइल के रास्ते घटना की पूरी कड़ी पकड़ी जा सके।
अंतिम संस्कार और सीएम का संज्ञान
अमेरिका में रह रहे राकेश अग्रवाल के बेटे सिद्धांत ने 2 अक्टूबर 2026 को भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर पिता का अंतिम संस्कार किया। इस मामले पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी ट्वीट कर दुख जताया और जांच अधिकारियों को जल्द से जल्द जांच पूरी करने के निर्देश दिए।
पुलिस की व्यापक जांच और संभावित आगे की कार्रवाई
इस हत्या मामले की जांच में डीसीपी सहित 100 से अधिक पुलिसकर्मी लगे हुए हैं। पुलिस सभी वित्तीय विवादों, कोर्ट केस, आरोपी के फरार होने और मोबाइल बरामदी के आधार पर कई एंगल से जांच कर रही है। इसके अलावा, पुलिस सुपारी किलिंग की संभावना को भी खारिज नहीं कर रही। जांच के दौरान घटनास्थल से मिले सबूत और वित्तीय विवाद की गहराई से पड़ताल की जा रही है। जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।



