उत्तर प्रदेश में भारी बारिश से तबाही का मंजर सामने आया है, जिसमें 25 और 26 सितंबर 2026 के बीच हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण राज्य में कम से कम 56 लोगों की मौत हुई है और हजारों घर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश से मौतों का बढ़ता आंकड़ा
राज्य के राहत आयुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद के अनुसार, 48 से 60 घंटों की अवधि में हुई इस भारी बारिश और उससे जुड़े हादसों में 56 लोगों की मौत हुई है। सबसे अधिक 7 मौतें सीतापुर जिले में हुईं। लखीमपुर खीरी, बहराइच और बलरामपुर में 5-5 मौतें, जबकि अयोध्या और गोरखपुर में भी 4-4 लोगों ने अपनी जान गंवाई।
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बारिश के कारण गिरती दीवारें, पेड़ और जलभराव से दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें कई लोगों को बिजली का करंट भी लगा। इस बीच 46 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 7 हरदोई जिले के हैं। मैनपुरी और श्रावस्ती में 5-5 तथा बाराबंकी में 4 लोग घायल हुए।

मकानों को भारी नुकसान, 1021 घर हुए क्षतिग्रस्त
राज्य में भारी बारिश और आंधी-तूफान के चलते 1021 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। हरदोई जिले में सबसे अधिक 272 मकानों को नुकसान पहुंचा है, जबकि सीतापुर में 108 मकान प्रभावित हुए। इसके अलावा चंदौली, औरैया, गोंडा, हमीरपुर, शाहजहांपुर और बहराइच में भी मकानों को नुकसान हुआ है।
अधिकतर मकान कच्चे और कमजोर संरचनाओं वाले हैं, जो तेज बारिश और तूफान की मार सहन नहीं कर पाए। इससे प्रभावित परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
पशुहानि से ग्रामीणों को भी बड़ा झटका
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की वजह से 107 मवेशियों की मौत हुई है। हरदोई जिले में 28 पशुओं की जान गई, जो सबसे अधिक है। इसके बाद सीतापुर में 16 और कन्नौज में 14 पशुओं की मौत दर्ज की गई।
पशुहानि से ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान हुआ है, क्योंकि पशुपालन उनके जीवन का मुख्य आधार है। इस आपदा ने उनकी आजीविका को भी गंभीर रूप से प्रभावित किया है।

मौसम विभाग ने रिकॉर्ड की भारी बारिश का आंकड़ा जारी किया
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इन दो दिनों में उत्तर प्रदेश में औसतन 66.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य (7.6 मिमी) से 775% अधिक है। कुल 75 जिलों में से 56 जिलों ने अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की है।
फर्रुखाबाद में बारिश का विचलन 7,385% था, जबकि कन्नौज में 5,664%, शाहजहांपुर में 4,408%, हमीरपुर में 4,240% और महोबा में 4,100% अधिक बारिश हुई। यह असाधारण बारिश गहरे डिप्रेशन की वजह से हुई।
मूसलाधार बारिश के कारण और राहत कार्यों की स्थिति
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने गहरे ‘डिप्रेशन’ के उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने से यह भारी बारिश हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों के लिए तेजी से कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य राहत आयुक्त की टीमें प्रभावित इलाकों में फसलों और मकानों के नुकसान का आंकलन कर रही हैं तथा 24 घंटे के भीतर मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है।
बारिश से आम जनता का जीवन अस्त-व्यस्त
लगातार बारिश से उत्तर प्रदेश के कई शहरों और गांवों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। जलभराव और सड़कें बंद होने से आवाजाही मुश्किल हो गई है। खेतों में पानी भर गया है जिससे फसलों को काफी नुकसान हुआ है।
बारिश के कारण स्कूल-कॉलेज बंद रहे, बाजारों में भी कम रौनक देखी गई। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।



