जबलपुर के दीपक लोधी की प्रेमानंद महाराज आश्रम में गिरने से मौत की घटना ने वृंदावन में सनसनी मचा दी है। इस संदिग्ध मामले में पुलिस अभी भी जांच जारी रखे हुए है।
प्रेमानंद महाराज आश्रम में हुई घटना का विवरण
वृंदावन के वाराहघाट क्षेत्र में स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम में 25 सितंबर 2026 की सुबह करीब 10:30 बजे जबलपुर के रहने वाले 25 वर्षीय दीपक लोधी गिर गए। दीपक ने फरवरी 2025 में संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेकर अपना नाम रसिक दुलारी शरण रखा था। वह आश्रम में बिजली मिस्त्री के तौर पर काम कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि दीपक की मौत आश्रम की चौथी मंजिल से गिरने के कारण हुई।
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दीपक लोधी के शरीर पर मिली गंभीर चोटें और संवेदनशील अंग की स्थिति
पुलिस जांच में पाया गया कि दीपक के सिर और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। साथ ही, उनके प्राइवेट पार्ट पर खून के निशान और कटान के सबूत भी मिले। डॉक्टरों ने कहा कि वहां से भारी रक्तस्राव हुआ था। यह स्थिति मामले को आत्महत्या से परे किसी अन्य कारण की ओर इशारा करती है।
गिरने के बाद अस्पताल में हुई मौत और पुलिस को देरी से सूचना
घटना के तुरंत बाद आश्रम के लोगों ने दीपक को निजी वाहन से सर्वोदय अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बावजूद घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को करीब 4 घंटे बाद दोपहर 2 बजे मिली। यह देरी जांच की गंभीरता को प्रभावित कर सकती है।
दीपक के कमरे से बरामद हुआ खून से सना ग्राइंडर
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने दीपक के कमरे की जांच के दौरान एक इलेक्ट्रॉनिक ग्राइंडर बरामद किया। ग्राइंडर टाइल्स काटने वाली मशीन है जो खून से सनी मिली। इस बात से आशंका व्यक्त की जा रही है कि इस मशीन का उपयोग किसी प्रकार की हिंसा या आघात में किया गया हो सकता है।
जांच में पुलिस का नजरिया और आगे की कार्रवाई
प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, लेकिन हत्या या साजिश के कोणों को भी पूरी तरह से खारिज नहीं किया गया है। एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह और सदर सीओ संदीप कुमार सिंह के नेतृत्व में जांच जारी है। शव का पोस्टमॉर्टम कर रिपोर्ट का इंतजार है, जो मौत के सही कारणों को स्पष्ट करेगा।
प्रेमानंद महाराज आश्रम से जुड़े शिष्य की मौत का सामाजिक प्रभाव
प्रेमानंद महाराज आश्रम में हुई इस मौत ने स्थानीय समुदाय और श्रद्धालुओं के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आश्रम के अनुयायियों की संख्या बड़ी होने के कारण यह मामला व्यापक चर्चा का विषय बना है। वहीं, पुलिस जांच के निष्पक्ष परिणाम की उम्मीद जताई जा रही है ताकि सभी संदेह दूर हो सकें।




