आयुष्मान भारत योजना के 8 साल पूरे होने पर यह स्पष्ट हुआ है कि इस योजना ने भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव लाए हैं। आयुष्मान भारत योजना ने अब तक 48 करोड़ से अधिक कार्ड बनाए हैं, जिनमें से 13 करोड़ लाभार्थियों ने मुफ्त इलाज का लाभ उठाया है।
आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत और विस्तार
आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रांची, झारखंड से की थी। इस योजना के तहत देश के 60 करोड़ से अधिक लाभार्थी शामिल हैं। हाल ही में इसमें 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिक भी शामिल किए गए हैं।
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इस विस्तार के बाद बुजुर्गों के लिए 1.36 करोड़ से अधिक ‘आयुष्मान वय वंदना’ कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिससे उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा और बेहतर हुई है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड वितरण और लाभार्थी संख्या
21 सितंबर 2026 तक आयुष्मान भारत योजना के तहत देशभर में लगभग 48.54 करोड़ कार्ड बनाए गए हैं। यह आंकड़ा भारत की करीब 33 प्रतिशत आबादी को कवर करता है। इस योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाती है।
इस योजना के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक रूप से सुरक्षित हुए हैं।
मुफ्त इलाज और अस्पताल में भर्ती की स्थिति
आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक 13.25 करोड़ से अधिक मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज की मंजूरी मिली है। इससे यह योजना देश की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य योजना के रूप में उभरी है।
ये अस्पताल 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 38,000 से अधिक सरकारी और निजी अस्पतालों के पैनल में शामिल हैं। इस नेटवर्क ने योजना के प्रभाव को व्यापक बनाने में मदद की है।

सरकार का खर्च और वार्षिक बीमा कवर
केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज और अस्पताल में भर्ती पर अब तक कुल 2.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। यह राशि योजना की सफलता और देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश का प्रमाण है।
प्रत्येक पात्र परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलता है, जो माध्यमिक और तृतीयक स्तर के इलाज के लिए उपयोग किया जा सकता है।
डिजिटल तकनीक और योजना की मजबूती
आयुष्मान भारत योजना ने डिजिटल तकनीक का भी भरपूर उपयोग किया है। एआई आधारित फ्रॉड डिटेक्शन और डिजिटल स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म ने योजना को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाया है।
इससे योजना के लाभार्थियों को तेज और विश्वसनीय सेवा मिलती है, जिससे भ्रष्टाचार की संभावना कम हुई है।
आयुष्मान भारत योजना का सामाजिक प्रभाव
आयुष्मान भारत योजना ने देश के गरीब और कमजोर वर्ग के लिए स्वास्थ्य सेवा को सुलभ और किफायती बनाया है। इससे आम आदमी की जिंदगी में सुधार आया है।
योजना के विस्तार से बुजुर्गों और अन्य कमजोर वर्गों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिली है। यह योजना भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम साबित हुई है।



