इंदौर के एलएक्स होटल में सोनिला शर्मा की मौत के पीछे फंदे का एंगल पुलिस जांच के मुख्य केंद्र में है। यह मामला तिलक नगर थाना क्षेत्र के होटल एलेक्स के कमरे नंबर 101 से जुड़ा है, जहां 32 वर्षीय ब्यूटीशियन सोनिला शर्मा संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गईं।
होटल एलएक्स में मौत की घटना और घटना का समय
यह घटना 9 सितंबर 2026 को सुबह हुई। सोनिला शर्मा और उनके साथी दीपक खंडेलवाल सुबह होटल पहुंचे थे। दोपहर करीब 2 बजे पुलिस को इस संदिग्ध मौत की सूचना मिली। पुलिस के अनुसार, दोनों के कमरे में आने के लगभग 40 मिनट बाद दीपक बाहर निकला था।
इस बीच सोनिला को बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दीपक खंडेलवाल का आत्मसमर्पण और पुलिस की पूछताछ
घटना के बाद दीपक खंडेलवाल अस्पताल से फरार हो गया था। हालांकि, पुलिस की लगातार तलाश के बीच उसने तिलक नगर पुलिस थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है।
दीपक ने बयान दिया कि दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। उसने कहा कि शराब के नशे में सोनिला ने फांसी लगाने की कोशिश की थी, जिसके कारण उसकी मौत हुई।
प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में फंदे से दम घुटने का संकेत
सोनिला शर्मा की मौत के पीछे फंदे का एंगल पुलिस जांच का अहम हिस्सा है। प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में फंदे से दम घुटने की बात सामने आई है। पुलिस अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके।
इस जांच में सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और मैसेजेस की भी समीक्षा की जा रही है।
संबंधों में तनाव और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रभाव
जांच में यह भी सामने आया है कि दीपक के परिवार वालों को उनके और सोनिला के रिश्ते की जानकारी मिलने के बाद सामाजिक प्रतिष्ठा के कारण दूरी बन गई थी। सोनिला द्वारा मिलने के लिए दबाव बनाए जाने और न मिलने पर गलत कदम उठाने की आशंका जताई गई है।
यह तनाव इस घटना को और जटिल बनाता है और पुलिस इस पहलू की भी गहन जांच कर रही है।
पुलिस की तकनीकी जांच और मर्ग कायम करना
तिलक नगर थाना पुलिस ने इस मामले में मर्ग दर्ज कर जांच तेज कर दी है। होटल के सीसीटीवी, डीवीआर, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी सबूतों को जब्त किया गया है।
इसके अलावा, संदिग्ध के बयान और घटनास्थल के साक्ष्यों की जांच जारी है ताकि मामले के हर पहलू को समझा जा सके।
मामले का आम जनता और कानून व्यवस्था पर असर
इस प्रकार की संदिग्ध मौतें आम जनता को असुरक्षा की भावना देती हैं। इंदौर जैसे बड़े शहर में इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सक्रियता पर सवाल उठाए हैं।
फिलहाल, पुलिस की जांच जारी है और न्यायालय के समक्ष पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। यह मामला सामाजिक और कानूनी दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।



