शिवपुरी जिले के बदरवास में सरकारी चावल की बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। प्रशासन ने रियांशी ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम से 300 क्विंटल सरकारी चावल जब्त किया है। यह सरकारी चावल अवैध भंडारण और कालाबाजारी के तहत रखा गया था। इस कार्रवाई के बाद गोदाम को सील कर दिया गया है।
शिवपुरी में सरकारी चावल जब्ती की कार्रवाई
24 सितंबर 2026 को शिवपुरी के कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर बदरवास तहसील स्थित रियांशी ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम पर औचक छापा मारा गया। जांच टीम ने लगभग 300 क्विंटल सरकारी चावल बरामद किया। चावल को चोरी-छिपे ट्रक में लोड कर अवैध परिवहन के प्रयास को रोका गया।
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प्रशासन ने चावल से भरे ट्रक को जब्त कर बदरवास थाना पुलिस के अभिरक्षा में रखा। इस कार्रवाई में तहसीलदार सचिन भार्गव, जिला आपूर्ति अधिकारी तुलेश्वर कुर्रे, और अन्य अधिकारी शामिल रहे।

रियांशी ट्रेडिंग कंपनी के संचालक के खिलाफ FIR
रियांशी ट्रेडिंग कंपनी के संचालक सचिन मंगल के विरुद्ध सरकारी चावल के अवैध भंडारण और कालाबाजारी के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। उनके पिता का नाम ब्रजेश मंगल है। प्रशासन ने गोदाम को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
इसके अलावा, दो ट्रक चालकों हेमराज गुर्जर और मुकेश गुर्जर को अवैध परिवहन के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती को दर्शाती है।
जय गुरुदेव आटा मिल से भी सरकारी चावल बरामद
रियांशी ट्रेडिंग कंपनी के अलावा बदरवास में स्थित जय गुरुदेव आटा मिल से भी करीब 8 क्विंटल सरकारी चावल का अवैध भंडारण पाया गया। प्रशासन ने खाद्यान्न जब्त कर उसके सैंपल लिए हैं। मिल संचालकों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है।
यह घटना स्थानीय सरकारी राशन की हेराफेरी की समस्या को उजागर करती है, जो जरूरतमंदों तक राशन की आपूर्ति में बाधा डालती है।

सरकारी राशन की कालाबाजारी पर प्रशासन का कड़ा रुख
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने स्पष्ट कहा है कि सरकारी राशन की कालाबाजारी और अवैध भंडारण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में वाहन जब्त करने और संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी राशन जरूरतमंदों के लिए होता है, इसलिए इसकी सुरक्षा और सही वितरण जरूरी है। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है।
बदरवास में सरकारी चावल के अवैध भंडारण का प्रभाव
सरकारी चावल के अवैध भंडारण से आम जनता को सीधे नुकसान होता है। इससे जरूरतमंद परिवारों तक राशन नहीं पहुंच पाता। कालाबाजारी से राशन की किल्लत और महंगाई बढ़ती है।
शिवपुरी प्रशासन की यह कार्रवाई ऐसे अपराधों को रोकने में मदद करेगी। इससे भविष्य में सरकारी राशन की चोरी और अवैध वितरण में कमी आने की उम्मीद है।
आगे की कार्रवाई और जांच जारी
प्रशासन ने गोदाम सील कर दिया है, लेकिन जांच जारी है। आगे यह पता लगाया जाएगा कि सरकारी चावल कहां से आया और कहाँ भेजा जाना था। अन्य संबंधित व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे मामले की जांच से सरकारी राशन वितरण प्रणाली में सुधार की संभावना बनी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी राशन की चोरी पर कोई छूट नहीं दी जाएगी।



