इंदौर में इस वर्ष 25 और 26 सितंबर 2026 को गणेश विसर्जन 2026 के आयोजन में हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म तकनीक का उपयोग कर परंपरा और तकनीक का संगम देखने को मिलेगा। इस अनूठी पहल से पारंपरिक गणेश विसर्जन की विधि में आधुनिक इंजीनियरिंग का समावेश हुआ है, जिससे विसर्जन प्रक्रिया सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल हो गई है।
जवाहर टेकरी गिट्टी खदान में विसर्जन स्थल का चयन
इस बार इंदौर नगर निगम ने गणेश विसर्जन के लिए धार रोड स्थित जवाहर टेकरी की गिट्टी खदान में जमा बारिश के पानी को मुख्य विसर्जन स्थल बनाया है। इस स्थल का चयन इसलिए किया गया है क्योंकि यह स्थान शहर से सटे होने के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी उपयुक्त माना गया है।
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नगर निगम की ओर से विसर्जन स्थल की पूरी तैयारी की गई है, जहां प्रतिमाओं का सम्मानपूर्वक और विधिपूर्वक विसर्जन किया जाएगा।

हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म तकनीक से सुरक्षित विसर्जन
गणेश विसर्जन 2026 में हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म तकनीक का उपयोग पहली बार किया गया है। नगर निगम के इंजीनियरों ने इस तकनीक को विकसित किया है, जिससे प्रतिमाओं को बिना किसी मैनुअल हैंडलिंग या क्रेन के इस्तेमाल के सीधे हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म पर रखा जाता है।
इसके बाद यह प्लेटफॉर्म नियंत्रित तरीके से पानी के नीचे ले जाकर मैकेनिकल गेट के माध्यम से विसर्जित किया जाता है। इससे स्वयंसेवकों की सुरक्षा बढ़ती है और मूर्तियों का सम्मान भी बना रहता है।
शहरभर में स्थापित संग्रहण केंद्र
नगर निगम ने गणेश प्रतिमाओं के सम्मानपूर्वक संग्रहण के लिए पूरे शहर में 100 से अधिक संग्रहण केंद्र स्थापित किए हैं। इससे नागरिक अपनी प्रतिमाएं आसानी से और सुव्यवस्थित तरीके से जमा करा सकते हैं।
यह व्यवस्था विसर्जन प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण में भी मदद करती है।
प्रभारी अधिकारियों ने निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया
विसर्जन की तैयारियों का निरीक्षण करने के लिए इंदौर के महापौर राजेंद्र राठौर, नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल और सामान्य प्रशासन प्रभारी नंदकिशोर पहाड़िया ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जवाहर टेकरी स्थल का दौरा किया।
इस दौरान सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा की गई ताकि विसर्जन कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
मार्गों का जीर्णोद्धार और सुगम आवागमन
भारी झांकियों और विसर्जन जुलूस के सुगम आवागमन के लिए नगर निगम ने करीब 7 किलोमीटर लंबे मार्ग जैसे जवाहर मार्ग, जेल रोड और एमजी रोड पर हॉट और कोल्ड डामर पैचवर्क से सड़कों की मरम्मत करवाई है।
इससे न केवल मार्गों की मजबूती बढ़ी है बल्कि जुलूसों के दौरान यातायात नियंत्रण में भी आसानी होगी।
पर्यावरण संरक्षण के साथ परंपरा का सम्मान
हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म तकनीक के इस्तेमाल से न केवल गणेश विसर्जन की परंपरा सुरक्षित रखी गई है, बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों को कम किया गया है।
यह तकनीक स्वयंसेवकों के लिए जोखिमों को समाप्त करती है और जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखती है। इस पहल से इंदौर में पर्यावरण अनुकूल गणेश विसर्जन की मिसाल कायम होगी।



