शेयर बाजार में मिला-जुला प्रदर्शन के बीच गुरुवार को सेंसेक्स में गिरावट आई, जबकि निफ्टी ने तेजी दिखाई। बाजार में यह असंतुलित रुख निवेशकों के लिए संदेह और सतर्कता का संकेत बनकर उभरा।
सेंसेक्स में गिरावट और निफ्टी में उछाल
गुरुवार को शेयर बाजार में सेंसेक्स 21.86 अंकों की गिरावट के साथ 74,314.59 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 53 अंकों की बढ़त के साथ 23,270.60 के स्तर पर पहुंचा। शुरुआती दौर में बाजार में तेजी देखने को मिली, लेकिन दोपहर के बाद बिकवाली शुरू हो गई। इस तरह से कुल मिलाकर बाजार का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।
👉 यह भी पढ़ें:
- शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 77,000 के पार हरे निशान में बंद
- Sensex में 778 अंक की गिरावट, Nifty 23,150 के नीचे बंद हुआ बाजार
- एफपीआई ने सितंबर में भारतीय शेयर बाजार से 13,138 करोड़ रुपये निकाले
- शेयर बाजार में दबाव, सेंसेक्स 121 अंक गिरा; निफ्टी 23,400 के नीचे बंद
- सेंसेक्स 138 अंकों की तेजी के साथ बंद, निफ्टी में भी खरीदारी का माहौल
- सेंसेक्स 600 अंक गिरा, निफ्टी 23500 के नीचे फिसला
मुख्य सेक्टर्स में अलग-अलग रुझान
आज निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 1.66 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि फार्मा सेक्टर ने 1.62 प्रतिशत की तेजी दिखाई। मीडिया क्षेत्र भी 1.35 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। इसके अलावा ऑटो और मेटल्स सेक्टर में क्रमशः 0.99 प्रतिशत और 0.93 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वहीं, बैंक निफ्टी और प्राइवेट बैंक सेक्टर में 0.42 प्रतिशत की गिरावट आई।
मिडकैप और स्मॉलकैप में सकारात्मक संकेत
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.92 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। इसके साथ ही स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी 0.71 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ बंद हुआ। यह संकेत हैं कि छोटे और मझोले कारोबारों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है।
फेडरल रिजर्व की ब्याज दर वृद्धि का असर
बाजार में उतार-चढ़ाव का एक बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट की वृद्धि है। यह तीन साल में पहली बार फेड रेट में बढ़ोतरी है। इसके अलावा, आर्थिक नीति निर्माताओं ने तिमाही अनुमान में यह भी कहा कि साल के अंत तक एक और वृद्धि संभव है। इससे वैश्विक स्तर पर निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ी है।
प्रॉफिट बुकिंग और तकनीकी चुनौतियां
उच्च स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग की वजह से सेंसेक्स ने दिन के उच्चतम स्तर से 390 अंकों की गिरावट देखी। एनालिस्टों का मानना है कि निफ्टी को 23,300 के स्तर को मजबूती से पार करना होगा ताकि बाजार में स्थिरता आए। फिलहाल, निफ्टी ने हायर हाई-हायर लो स्ट्रक्चर नहीं बनाया है, जिससे बाजार में सतर्कता बनी हुई है।
IPO और निवेशकों की रुचि
एनएसई के IPO ने भी निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। बुधवार को एंकर निवेशकों को 6,746 करोड़ रुपये के शेयर अलॉट किए गए, जिसमें नॉर्वे और अबू धाबी के सॉवरेन वेल्थ फंड शामिल हैं। ये शेयर IPO प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर 1,785 रुपये प्रति शेयर पर अलॉट किए गए। इस पहल ने बाजार में नई संभावनाएं जगाई हैं।



