उत्तर प्रदेश एटीएस ने आजमगढ़ से अलकायदा के गजवा-ए-हिंद प्लान में संलिप्त मोहम्मद नबील को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी गजवा-ए-हिंद योजना के पर्दाफाश के रूप में सामने आई है, जिसमें नबील पाकिस्तान के सहयोग से भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा था।
अलकायदा के गजवा-ए-हिंद प्लान का भंडाफोड़
उत्तर प्रदेश एटीएस ने मोहम्मद नबील को आजमगढ़ से दबोचा। नबील अलकायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़ा था और इस संगठन की विचारधारा को सोशल मीडिया के ज़रिये फैलाने में लगा था। वह पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत में गजवा-ए-हिंद नामक आतंकवादी योजना को सक्रिय करना चाहता था।
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नबील ने अरबी भाषा में ‘ला गालिब-इल्लल्लाह’ नामक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया था, जिसमें उसने युवाओं को आतंकवादी बनने की प्रेरणा दी। इसमें जम्मू-कश्मीर के युवाओं के साथ-साथ अन्य देशों के लोग भी शामिल थे।
यूपी एटीएस की जांच में खुलासे
एटीएस को सूचना मिली कि नबील सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। जांच में पता चला कि नबील ने आतंकवादी मौलाना आसिम उमर की किताबें और अलकायदा के आतंकी अनवर उल अवलाकी की ‘जिहाद के 44 तरीके’ जैसी सामग्री भी साझा की।
इसके अलावा नबील ने ग्रुप में धन जुटाने, हथियारों की ट्रेनिंग और बम बनाने की योजना भी बनाई। उसने विभिन्न कोड शब्दों जैसे ‘ट्रिप’, ‘पेन’, ‘जूस’ का इस्तेमाल कर आतंकवादी गतिविधियों का संचालन किया।
मोहम्मद नबील का आतंकवादी नेटवर्क
नबील ने व्हाट्सऐप पर ‘Flames of War’ जैसे कई अन्य ग्रुप भी बनाए थे, जिनमें बांग्लादेश, म्यांमार और सऊदी अरब के सदस्य भी शामिल थे। ये ग्रुप अलकायदा की विचारधारा को बढ़ावा देते हुए जिहाद के लिए युवाओं को उकसाते थे।
नबील ने पाकिस्तान, तुर्की और बांग्लादेश में जाकर ट्रेनिंग लेने की योजना बनाई थी। उसकी मंशा भारत में आतंकवादी हमले करवाने की थी।
गजवा-ए-हिंद योजना का खतरा
गजवा-ए-हिंद एक आतंकवादी रणनीति है, जिसे अलकायदा और उससे जुड़े संगठन भारत में सामूहिक हिंसा और आतंक फैलाने के लिए अपनाते हैं। यह योजना भारत के विभिन्न हिस्सों में आतंकवादी हमलों को अंजाम देने पर केंद्रित है।
मोहम्मद नबील का पकड़ा जाना इस योजना के खिलाफ उत्तर प्रदेश एटीएस की बड़ी सफलता मानी जा रही है। इससे संभावित आतंकवादी हमलों को रोकने में मदद मिलेगी।
आम जनता पर आतंकवाद का असर
गजवा-ए-हिंद जैसी योजनाएं देश में भय और अस्थिरता फैलाती हैं। इससे आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है। यूपी एटीएस की कार्रवाई से साफ है कि सुरक्षा एजेंसियां आतंकवाद के खिलाफ सतर्क हैं।
फिलहाल, मोहम्मद नबील की गिरफ्तारी ने आम जनता को राहत दी है, लेकिन सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत बनी हुई है।
आगे की कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
मोहम्मद नबील को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया गया है। उसकी गिरफ्तारी के बाद कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। पुलिस उसके सहयोगियों की तलाश में लगी है।
यूपी एटीएस ने पहले भी कई संदिग्धों को दबोचा है, जो पाकिस्तान से जुड़े थे। अब नबील की गिरफ्तारी से आतंकवादी नेटवर्क की गहराई का पता चल सकता है।



