भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन हमीदिया अस्पताल मार्ग पर जाम का कारण बना। इन डॉक्टरों की मांग है कि उनका स्टाइपेंड ₹14,337 से बढ़ाकर ₹30,000 प्रति माह किया जाए।
इंटर्न डॉक्टरों की मांगें
भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टर स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि वर्तमान स्टाइपेंड उनकी जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ है।
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इसके अलावा, डॉक्टरों ने बताया कि अन्य राज्यों में इंटर्न्स को इससे बेहतर स्टाइपेंड मिलता है। यह भी मांग की जा रही है कि सरकार जल्द से जल्द इस पर निर्णय ले।

मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च
इंटर्न डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च करने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने हमीदिया अस्पताल के पास बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया।
इस दौरान डॉक्टरों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसके चलते पुलिस ने वाटर कैनन और लाठीचार्ज का सहारा लिया।
पुलिस कार्रवाई के बाद धरना
पुलिस कार्रवाई के विरोध में इंटर्न डॉक्टर रातभर सड़क पर धरने पर बैठे रहे। इस प्रदर्शन के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया।
जाम के चलते एंबुलेंस और अन्य वाहन घंटों फंसे रहे, जिससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

जूडा और मेडिकल टीचर्स का समर्थन
जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने इंटर्न डॉक्टरों का समर्थन करते हुए ओपीडी और इलेक्टिव ओटी सेवाओं का बहिष्कार किया।
हालांकि, इमरजेंसी और आईसीयू सेवाएं जारी रखने का निर्णय लिया गया है। वहीं, मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने भी पुलिस कार्रवाई की निंदा की है।
प्रशासन से वार्ता
इंटर्न डॉक्टरों की जिला कलेक्टर और प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत हुई है। लेकिन डॉक्टर अपनी मांगों पर लिखित आदेश और कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
आगे की बातचीत में क्या निर्णय लिया जाएगा, यह देखना बाकी है।



