गुजरात हाई कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। अहमदाबाद और सूरत की अदालतों में RDX लगाए जाने का दावा किया गया है। यह धमकी भरा ईमेल 5 सितंबर 2026 को हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय को प्राप्त हुआ। इस घटना ने सभी संबंधित पक्षों को चौकन्ना कर दिया है, क्योंकि अदालतें न्याय प्रणाली का केंद्र होती हैं और इनकी सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अहमदाबाद और सूरत की अदालतें खाली कराई गईं
धमकी के बाद अहमदाबाद के मेट्रोपॉलिटन और सत्र न्यायालय और सूरत जिला अदालत के परिसर को तुरंत खाली कराया गया। वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया। अदालत परिसर ऐसे स्थान होते हैं जहां कई लोग न्यायिक कार्यों के लिए आते हैं। इसलिए, सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक था। इस दौरान लोगों को संयम बनाए रखने और सुरक्षा बलों के निर्देशों का पालन करने को कहा गया।

सुरक्षा बलों की तैनाती
अलर्ट जारी होते ही बम निरोधक दस्ता और विशेष अभियान समूह को संबंधित न्यायालय परिसरों में तैनात किया गया। स्थानीय पुलिस भी सुरक्षा बढ़ाने के लिए तत्परता से काम कर रही है। इन सुरक्षा बलों की तैनाती से लोगों में विश्वास बढ़ा है। सुरक्षा एजेंसियों ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
सघन तलाशी अभियान
शनिवार को अदालती अवकाश के बावजूद सुरक्षा एजेंसियों ने गहन तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, शुरुआती जांच में कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ। तलाशी अभियान का उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे को निष्क्रिय करना था। इस प्रकार की तलाशी से सुरक्षात्मक उपायों की प्रभावशीलता को भी आंका जाता है।

साइबर जांच जारी
अहमदाबाद पुलिस की साइबर क्राइम टीम धमकी भरे ईमेल के अज्ञात स्रोत का पता लगाने में जुटी है। ईमेल की प्रामाणिकता की जाँच भी की जा रही है। साइबर अपराध विशेषज्ञ इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि ईमेल कहां से आया और क्या यह किसी बड़े साजिश का हिस्सा है।
आम आदमी पर असर और आगे की तैयारी
इस धमकी ने आम जनता में भय का माहौल उत्पन्न कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जनता से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां अपनी रणनीतियों को और भी मजबूत कर रही हैं।



