इंदौर में फुटपाथ कब्जे पर एफआईआर दर्ज करने की योजना ने शहर में हलचल मचा दी है। इंदौर नगर निगम ने फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।
फुटपाथ कब्जे पर सीधी एफआईआर
इंदौर नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने फुटपाथों पर दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। अब नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीधी एफआईआर दर्ज की जाएगी।
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इस कदम का उद्देश्य है कि फुटपाथों पर पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम मार्ग बने रहें। फुटपाथों का अतिक्रमण शहर में एक बड़ी समस्या बन चुकी थी।
विशेष योजना का निर्माण
फुटपाथ कब्जे पर एफआईआर के साथ ही, नगर निगम ने एक विशेष योजना तैयार की है। इस योजना के तहत फुटपाथों को स्थायी रूप से अतिक्रमण मुक्त रखा जाएगा।
नगर निगम की इस योजना में अधिकारियों को फुटपाथों की निगरानी की जिम्मेदारी दी जाएगी। औचक निरीक्षण के जरिये सुनिश्चित किया जाएगा कि फुटपाथों पर अतिक्रमण न हो।
35 ट्रक से अधिक सामग्री जब्त
नगर निगम की रिमूवल टीम ने पिछले 5 दिनों के भीतर बाजारों में अभियान चलाकर 35 ट्रक से ज्यादा अतिक्रमण सामग्री जब्त की है। यह कार्रवाई शहर के विभिन्न बाजारों में की गई।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य फुटपाथों को पैदल यात्रियों के लिए खाली कराना था। निगम की इस कार्रवाई से फुटपाथों पर चलने वाले लोगों को राहत मिली है।
‘फुटपाथ हमारा है’ अभियान का असर
स्थानीय मीडिया के अभियान के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
अभियान के चलते दुकानदारों ने भी अपनी दुकानों को फुटपाथ से हटाना शुरू कर दिया है। इससे पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ता उपलब्ध हो सका है।
प्रमुख प्रभावित क्षेत्र
आदर्श रोड (पलासिया), चिकमंगलूर चौराहा, संजय सेतु और राजबाड़ा जैसे क्षेत्रों में फुटपाथ कब्जे की समस्या प्रमुख रूप से देखी गई। इन क्षेत्रों में दुकानों का फैलाव और वाहनों की पार्किंग मुख्य समस्या थी।
इन क्षेत्रों में की गई कार्रवाई से फुटपाथों की स्थिति में सुधार हुआ है। पैदल यात्रियों के लिए अब अधिक जगह उपलब्ध है।
आगे की योजना
नगर निगम की इस विशेष योजना का उद्देश्य यातायात जाम से मुक्ति दिलाना और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग बनाना है। इससे शहर की सड़कों पर भीड़भाड़ कम होगी।
भविष्य में इस योजना के तहत और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। प्रशासन की इस पहल से शहर में यातायात सुधार की उम्मीद है।



