मुंबई। क्या आज से 10 साल पहले आप इंटरनेट की तेज स्पीड की कल्पना कर सकते थे? महंगे दामों पर डाटा खरीदने के बाद भी मोबाइल में इंटरनेट का इस्तेमाल बहुत तकलीफदेह था। इसके बाद वर्ष 2026 में रिलांयस जियो के रूप में एक क्रांति हुई और इसने भारत के टेलीकॉम परिदृश्य को बदल दिया। मोबाइल इंटरनेट सुविधा से आगे बढ़कर रोजमर्रा की जरूरत बन गया।
10 साल में 56.6 गुना बढ़ा ग्राहक आधार
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मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में भी इस बदलाव की तस्वीर साफ दिखाई देती है। सितंबर 2016 में सेवा शुरू होने के समय मध्यप्रदेश में जियो के महज 8.9 लाख ग्राहक थे। जुलाई 2026 तक यह संख्या बढ़कर करीब 5.09 करोड़ हो गई। करीब एक दशक में ग्राहक आधार 56.6 गुना बढ़ा, जबकि जियो की वृद्धि दर 51.3% CAGR रही। जुलाई 2026 तक मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ टेलीकॉम सर्किल में कुल 8.71 करोड़ मोबाइल कनेक्शन में जियो की हिस्सेदारी 58.4% पहुंच चुकी है। यानी हर 100 मोबाइल कनेक्शनों में करीब 58 जियो के हैं। अगस्त 2018 में एयरटेल और अक्टूबर 2019 में वोडाफोन आइडिया को पीछे छोड़कर नंबर-1 बनने के बाद जियो ने यह स्थान लगातार बनाए रखा है।
जियो का अनुभव भी अद्भुत
जियो की इस यात्रा को हाल ही में पत्रकारों ने नवी मुंबई स्थित रिलायंस कॉरपोरेट पार्क के दौरे के दौरान करीब से महसूस किया। जियो के वरिष्ठ अधिकारियों ने पत्रकारों को कंपनी की दस साल की यात्रा के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं से अवगत कराया। 4G से शुरू हुआ सफर कैसे True 5G, क्लाउड कंप्यूटिंग और अब AI की दिशा में आगे बढ़ रहा है, इसकी तस्वीर वहां प्रस्तुत की गई। इस दौरान पत्रकारों ने जियो एक्सपीरियंस सेंटर का भी दौरा किया, जहां भविष्य की तकनीकें केवल बताई नहीं जातीं, बल्कि उनके लाइव डेमो के जरिए अनुभव कराए जाते हैं। क्लाउड कंप्यूटिंग, होम केयर, गेमिंग और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) से जुड़ी तकनीकों ने दिखाया कि कनेक्टिविटी आने वाले समय में किस तरह रोजमर्रा की जिंदगी को बदल सकती है। पत्रकारों को जियो के विशाल नेटवर्क और उसके ऑपरेशन की कार्यप्रणाली को भी करीब से समझने का अवसर मिला। इससे यह स्पष्ट हुआ कि मोबाइल पर दिखाई देने वाली तेज कनेक्टिविटी के पीछे किस स्तर का तकनीकी ढांचा और नेटवर्क ऑपरेशन काम करता है।
4G से True 5G और JioPC तक
जियो की अगली छलांग केवल नेटवर्क की गति तक सीमित नहीं है। JioPC जैसी पहल क्लाउड आधारित कंप्यूटिंग को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक कदम है। पुराने कंप्यूटर या लैपटॉप को बदले बिना क्लाउड तकनीक के जरिए आधुनिक कंप्यूटिंग अनुभव हासिल किया जा सकता है। इससे AI और भारी एप्लिकेशन के उपयोग की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। तेज कनेक्टिविटी, क्लाउड और AI का यह मेल एग्रीटेक, हेल्थटेक, शिक्षा, उद्योग, IoT और स्मार्ट सिटी जैसे क्षेत्रों में बदलाव की नई संभावनाएं खोल रहा है।
एमपी-सीजी में कनेक्टिविटी से घटी दूरी
JioFiber और JioAirFiber के विस्तार के साथ मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में जियो का ब्रॉडबैंड ग्राहक आधार 21 लाख के पार पहुंच चुका है। घर से काम, ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल कंटेंट और छोटे कारोबार के लिए इंटरनेट अब घर की मूलभूत जरूरत बन चुका है। 8.9 लाख से 5.09 करोड़ तक का सफर सिर्फ ग्राहकों की संख्या नहीं है। यह बदलते मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ की कहानी है—जहां कनेक्टिविटी ने दूरी घटाई, डिजिटल सेवाओं ने अवसर बढ़ाए और अब AI, क्लाउड और नई तकनीकें संभावनाओं के नए दरवाजे खोल रही हैं।



