दतिया उपचुनाव में भाजपा की बुरी हार के बाद अब बैठकों, मंथनों कार्रवाईयों का दौर शुरू हो चुका है। मंगलवार को भोपाल के सीएम आवास पर दिग्गज भाजपा नेताओं का जुटान हुआ। काफी विचार-मंथन और शिकायतों को सुनने के बाद दो सदस्यीय जांच समिति बना दी गई है।
जाहिर है यह जांच समिति जो रिपोर्ट देगी उसके आधार पर कई नेताओं की भाजपा से छुट्टी हो जाएगी। कई के पद जाएंगे तो कुछ निष्कासन की मार झेलेंगे। बैठक में भाजपा प्रत्याशी सहित चुनाव प्रभारी ने भी कई नाम बताए, सबसे पहले निशाने पर वही रहेंगे।
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दतिया उपचुनाव के लिए भाजपा ने ग्वालियर से सांसद भारत सिंह कुशवाह को मुख्य प्रभारी नियुक्त किया था। उनका साथ देने के लिए भाजपा के प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उनके अलावा कई दिग्गज मंत्रियों और नेताओं को भी अलग-अलग काम सौंपे गए थे। बूथ स्तर तक नजर रखने के लिए भी पुराने और अनुभवी नेताओं को लगाया गया था। इसके अलावा पूरी सरकार और भाजपा का पूरा संगठन ऑपरेशन दतिया में लगा रहा।
एक बात और यह भी पता था कि नरोत्तम मिश्रा टिकट नहीं मिलने से नाराज हैं। उनके समर्थकों ने विरोध कर यह बता भी दिया था कि उनका साथ नहीं मिलने वाला। इतना सब पता होने के बावजूद संगठन के माहिर खिलाड़ियों ने आखिर क्या किया? आखिर कैसे इतने सारे नेताओं के रहते हुए किसी ने भीतरघात करने की हिम्मत की।
यहां एक सवाल और है कि भाजपा के सारे दिग्गज भीतरघात दबाने में जुटे थे। कई नेताओं को पुचकारा गया, कुछ को धमकी दी गई तो कुछ को लालच भी दिया गया। क्या ये दिग्गज बगावत कर रहे नेताओं को पहचान नहीं पाए?
भाजपा संगठन के दम पर चुनाव लड़ती है। हर किसी की अलग-अलग जिम्मेदारी तय होती है। इस चुनाव में भी ऐसा ही हुआ। जब यह पता चल गया था कि नरोत्तम मिश्रा की टीम से कोई मदद नहीं मिल रही, तो भाजपा के अनुभवी दिग्गजों ने क्या कदम उठाए? मध्यप्रदेश में भाजपा नेताओं की कोई कमी तो है नहीं, क्यों नहीं एक समानांतर व्यवस्था बनाने की कोशिश की गई।
अब अगर भाजपा के दिग्गज यह कहें कि उन्होंने पूरा ध्यान रखा था और सारी व्यवस्थाएं की थी, इसके बाद भी हार मिली तो उन्हें पाक-साफ कैसे माना जा सकता है?
सीएम हाउस पर हुई बैठक में भीतरघातियों के जो नाम आए, उन पर एक्शन हो जाएगा। जांच समिति जो नाम देगी वे भी कार्रवाई के घेरे में आ जाएंगे।
बड़ा सवाल यह है कि जिन्हें दतिया का मैदान फतह करने की जिम्मेदारी दी गई थी, उनका क्या होगा?



