इंदौर। लोकायुक्त टीम ने मंगलवार सुबह 5.30 बजे मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (फाइनेंस) शिवराम सेमिल के 9 ठिकानों पर छापा मारा। शुरुआती जांच में वैध आय से करीब 258% अधिक संपत्ति मिली है। शिवराम सेमिल इन दिनों इंदौर स्थित पोलोग्राउंड कार्यालय में पदस्थ हैं। यह कार्रवाई लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय के नेतृत्व में की गई। इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना समेत 9 ठिकानों पर एक साथ छापे मारे गए।
संपत्तियां देख चौंक गई टीम
लोकायुक्त के अनुसार शिवराम सेमिल ने अपने 33 वर्ष के सेवाकाल में वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। जांच के दौरान इंदौर की सिलिकॉन सिटी स्थित सी-44 पर करीब एक करोड़ बीस लाख रुपये लागत का तीन मंजिला आलीशान मकान मिला। वहीं पीथमपुर सेक्टर-3 में पुत्र शुभम के नाम से शुभम इलेक्ट्रिकल नामक ट्रांसफार्मर निर्माण फैक्ट्री मिली, जिसकी अनुमानित लागत एक करोड़ पच्चीस लाख रुपये आंकी गई है।
👉 यह भी पढ़ें:
- इंदौर के बरलई में भी जंतर-मंतर जैसे हालात, पहले से पता होने के बाद भी नहीं चेता प्रशासन, आंसू गैस और वाटर कैनन से किसानों को रोका
- डायमंड गृह निर्माण संस्था की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस, बिल्डर विशाल खंडेलवाल से 8 घंटे पूछताछ
- महापौरजी, कम से कम अपने पड़ोसियों से तो ‘मित्रता’ निभा लेते, उनके विरोध के बाद भी खोद डाला सुदामा नगर
- वार्ड 60 की पार्षद सुनहरा अंसाफ अंसारी का नामांकन और निर्वाचन शून्य, जानकारी छुपाने का लगा था आरोप, जिला कोर्ट का फैसला
- आखिर तुलसी पहलवान ने क्यों ली थी शिशुकुंज को बचाने की सुपारी, इंदौर से लेकर भोपाल तक के अफसरों को समझ नहीं आया
- कलेक्टर साहब प्राइवेट स्कूल तो अपना इंतजाम कर लेंगे, जरा आंगनबाड़ियों की तो हालत देखिए, जो आपके भरोसे बैठे हैं
दो औद्योगिक भूखंड, एक फैक्ट्री बन रही है
लोकायुक्त टीम को जांच में पता चला कि कि पुत्रवधू और अन्य परिजनों के नाम से कर्निश पावरजोन फर्म पंजीकृत है, जिसकी शेयर पूंजी पचास लाख रुपये है। फर्म के नाम पर पीथमपुर में दो औद्योगिक भूखंड खरीदे गए हैं, जिनमें से एक पर पुरानी फैक्ट्री संचालित है जबकि दूसरे पर नई फैक्ट्री का निर्माण चल रहा है। इस पर अब तक करीब एक करोड़ रुपये खर्च होना पाया गया है।

उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्र में भी भारी निवेश
लोकायुक्त को जांच में धार जिले के उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्र में दामाद और पुत्र के नाम से संचालित ‘एस.एस. इलेक्ट्रिकल्स’ फर्म भी मिली। यहां तीन औद्योगिक भूखंडों पर लगभग एक करोड़ पचास लाख रुपये का निवेश सामने आया है। इसी क्षेत्र में कृष्णा पावर के नाम से एक अन्य भूखंड पर फैक्ट्री निर्माण भी जारी मिला, जिस पर अब तक करीब दस लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। जांच के दौरान रिश्तेदार के नाम से संचालित ‘ए-वन इलेक्ट्रिकल’ फैक्ट्री भी मिली है, जिसमें करोड़ों रुपये के निवेश की जांच की जा रही है।
इंदौर में भी संपत्ति ही संपत्ति
लोकायुक्त की टीम ने पाया कि इंजीनियर के पास इंदौर में भी अकूत संपत्ति है। इंदौर में सप्तश्रृंगी नगर सिलिकॉन सिटी स्थित कार्यालय भवन पत्नी और पुत्र के नाम पर मिला, जिसकी गाइडलाइन कीमत साठ लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा एयरपोर्ट रोड स्थित अंजनी नगर और देवास नाका क्षेत्र में भी फर्मों के कार्यालयों की तलाशी ली गई। ओमेक्स सिटी में पुत्रों के नाम से करीब बीस लाख रुपये का प्लॉट और शुभम इलेक्ट्रिकल के नाम पर लगभग पंद्रह लाख रुपये की महिंद्रा इलेक्ट्रिक कार भी मिली।
छह करोड़ पचास लाख से अधिक की संपत्ति
लोकायुक्त के अनुसार मुरैना के रविदास नगर में करीब पचास लाख रुपये कीमत का दो मंजिला मकान भी जांच में सामने आया, जहां ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने तलाशी ली। लोकायुक्त के अनुसार सेमिल को पूरे सेवाकाल में लगभग दो करोड़ रुपये का शुद्ध वेतन मिला, जबकि अब तक छह करोड़ पचास लाख रुपये से अधिक की संपत्ति और निवेश का पता चला है। जीवन-यापन का खर्च जोड़ने पर कुल व्यय सात करोड़ सोलह लाख रुपये से अधिक आंका गया है, जो वैध आय से लगभग 258 प्रतिशत अधिक है। ़
टीम में ये अधिकार रहे शामिल
इंजीनियर के यहां छापे के लिए बनाई गई टीम मे डीएसपी सुनील तालान, डीएसपी आनंद चौहान, डीएसपी दिनेश पटेल, डीएसपी दीपक शेजवार, निरीक्षक प्रतिभा तोमर, निरीक्षक राजेंद्र वर्मा, निरीक्षक आशुतोष मिठास, निरीक्षक सचिन पटेरिया द्वारा इंदौर और धार जिले स्थित ठिकानों पर सर्च की जा रही है। ग्वालियर लोकायुक्त से निरीक्षक के पी एस बैंस द्वारा मुरैना के आवास पर सर्च जारी है।



