Monsoon News: देश के उत्तरी, पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाया है। मूसलाधार बारिश, अचानक आई बाढ़ और भीषण भूस्खलन ने कई राज्यों में भारी तबाही मचाई है। अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 43 लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तराखंड, नगालैंड और असम तक हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। लगातार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, कई सड़कें बंद हो गई हैं और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह तक कई इलाकों में मानसून के सक्रिय रहने और भारी बारिश की आशंका जताई है।
👉 यह भी पढ़ें:
- Himachal Pradesh Weather Alert: 20-21 जुलाई को तबाही मचा सकती है बारिश! IMD ने जारी की भारी बारिश, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की चेतावनी
- Jammu Kashmir News: डोडा में SOG जवान की राइफल छीनने की कोशिश, फायरिंग में युवक की मौत; 3 पुलिसकर्मी घायल
- Monsoon 2026: कहीं राहत तो कहीं तबाही! बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन से कई राज्य बेहाल, IMD ने जारी किया Red Alert
- Amarnath Yatra 2026: PM Narendra Modi का श्रद्धालुओं के नाम भावुक संदेश, सुरक्षित यात्रा के लिए बताए 5 बड़े संकल्प
- UNSC में Pakistan को भारत की दो-टूक चेतावनी! Jammu-Kashmir पर टिप्पणी पड़ गई भारी, UN मंच पर सुनाई खरी-खरी
- UN में भारत का बड़ा हमला! ‘जम्मू-कश्मीर भारत का था, है और रहेगा’—पाकिस्तान को सुनाई खरी-खरी, क्या बढ़ेगा नया विवाद?

जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से तबाही, 12 की मौत
जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में शनिवार रात बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। तेज बहाव और मलबे की चपेट में आने से 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
राजौरी की सुखतो नदी में अचानक आई बाढ़ का पानी इतना तेज था कि न्यू बस अड्डे के पास खड़े कई वाहन बह गए। भारी मलबे और उफनते नालों के कारण कई रास्ते बंद हैं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है।
वैष्णो देवी और शिवखोड़ी यात्रा पर भी असर
खराब मौसम और सुरक्षा कारणों को देखते हुए पहले ही अमरनाथ यात्रा के बाद अब माता वैष्णो देवी और शिवखोड़ी की यात्राएं भी अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई है

उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन का अलर्ट
उत्तराखंड में भी मौसम ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हरिद्वार में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत की खबर है। राज्य के देहरादून और ऋषिकेश समेत 10 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
बारिश और भूस्खलन के कारण दो राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 84 सड़कें बंद होने की जानकारी है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।

नगालैंड में बाढ़ और भूस्खलन से भारी नुकसान
पूर्वोत्तर राज्य नगालैंड में भी अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने तबाही मचाई है। माने इलाके में कई घर बाढ़ की चपेट में आ गए और कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। हादसे में आठ लोगों की मौत की खबर है।
मोन शहर में भारी बारिश के कारण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। भूस्खलन के चलते कई प्रमुख रास्ते बंद हो गए हैं। निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी ढलानों पर लगातार भूस्खलन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित है।
मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका के चलते मृतकों की संख्या बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है।

असम में बाढ़ से 57 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित
असम में भी बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। राज्य के सात प्रमुख जिलों में 57,000 से अधिक लोग बाढ़ के पानी से प्रभावित बताए जा रहे हैं।
शिवसागर जिले में एक और व्यक्ति की मौत के बाद इस साल राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सेना और वायुसेना को भी स्टैंडबाय पर रखा है।
चराइदेव में करीब 24,000 लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं, जबकि धेमाजी में करीब 22,000 लोग बाढ़ से परेशान हैं। राज्य में लगभग 298 गांव पानी में डूबे हैं और बुरिदिहिंग नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
दिल्ली-NCR में उमस से मिल सकती है राहत
जहां देश के कई हिस्से भारी बारिश और बाढ़ की मार झेल रहे हैं, वहीं दिल्ली-NCR में भीषण उमस के बीच आज मध्यम बारिश होने का अनुमान है। बारिश के कारण राजधानी और आसपास के इलाकों में तापमान में कुछ गिरावट आने की उम्मीद है।
अगले एक हफ्ते तक भारी बारिश का खतरा
मानसून की सक्रियता को देखते हुए आने वाले दिनों में भी देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की घटनाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।



