इंदौर। राऊ, रंगवासा के भूतनाथ मंदिर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मंगलवार को मंदिर के लोग कलेक्टर शिवम वर्मा के पास पहुंचे और कहा कि कॉलोनाइजर संजय अग्रवाल फर्जी तरीके से मंदिर की जमीन पर कब्जा कर लिया है और आने-जाने का रास्ता भी बंद है। दूसरी तरफ संजय अग्रवाल का कहना है कि यह जमीन उनके ट्र्स्ट की है। इस मामले में कलेक्टर ने कहा है कि वे दस्तावेजों की जांच कर कार्रवाई करेंगे।
पाटीदार ने कहा-2025 में मंदिर का खसरा बदला
भूतनाथ मंदिर के लिए संघर्ष कर रहे रविन्द्र पाटीदार का कहना है कि राऊ में बाबा भूतनाथ का मंदिर अति प्राचीन है। यह खसरा नंबर 682 पर था। कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से यह मंदिर 682 नंबर खसरे से उठ कर 654/2/3 पर चला गया। हमने 2006 की टीएनसी निकलवाई, उसमें कहीं भी मंदिर नहीं पाया गया। वहीं 2025 में वह मंदिर उस खसरे में कैसे चला गया। यह संजय अग्रवाल का प्राइवेट खसरा है।
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संजय अग्रवाल ने बंद किया मंदिर का रास्ता
रविन्द्र पाटीदार ने कहा कि हमने कलेक्टर साहब को समस्या बताई है। मंदिर पर आने-जाने वाला मार्ग बंद पड़ा है। मंदिर का रास्ता खुलवाया जाए। पाटीदार ने कहा 682 नंबर शासकीय तालाब की पाल है। नपती हुई है, लेकिन इस पर मेरे और मंदिर समिति के लोगों की फर्जी साइन की गई। अगर भंडारा हौ रहा, भजन हो रहा है तो इसमें खराबी क्या है। कलेक्टर ने कहा कि जांच होगी। पाटीदार ने यह भी कहा कि हम अनशन पर बैठेंगे। जब तक रास्ता नहीं खुलेगा। अगर मंदिर से जुड़े लोगों पर कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी फर्जी ट्रस्ट वालों की होगी।
संजय अग्रवाल ने कहा-जमीन उनके ट्रस्ट की
इस मामले में कॉलोनाइजर संजय अग्रवाल ने कहा कि हमने अपने जमीन के अंदर टीएनसी पास कराई। टीएनसी में बाउंड्रीवॉल की आवश्यकता नहीं होती। एक छोटा सा चबूतरा बनाना है तो टीएनसीपी से आवश्यकता नहीं होती है। आप यह देखिए की जमीन हमारी है कि नहीं, ट्रस्ट हमारा है कि नहीं। हम ट्रस्ट का संचालन करते हैं या नहीं। जब सबकुछ हमारा है तो असमाजिक ट्रस्ट अंदर घुसकर हमारी दीवार तोड़ देते हैं। आज हमारी जमीन पर पार्किंग कर पैसे वसूल रहे हैं। रजिस्ट्री मेरे नाम से है, बंटाकन मेरे नाम से है। हमारे ट्रस्ट में11 ट्रस्टी हैं। हमने कोई रास्ता बंद नहीं दिया है। हमने रंगवासा गांव के अंदर से रास्ता दिया है। लोग वहां दर्शन करने आते हैं।
कलेक्टर ने कहा-दस्तावेजों की करेंगे जांच
इस संबंध में कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि एक पक्ष ने कहा कि मंदिर पर जाने का रास्ता बंद है। दोनों पक्षों के कागजातों की जांच की जाएगी। इसके बाद जो भी नियमानुसार होगा, वह किया जाएगा।
जमीन पर कब्जे में माहिर हैं अग्रवाल
इस पूरे मामले में कॉलोनाइजर संजय अग्रवाल पर लोग सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि संजय अग्रवाल जमीनों पर कब्जे में माहिर हैं। अगर उनके मन में कुछ नहीं होता तो एक मंदिर का रास्ता क्यों रोक रहे? लोग यह भी कह रहे हैं कि आखिर मंदिर के मामले पर इतना बड़ा विवाद क्यों हो रहा है? लोग तो यह भी कह रहे हैं कि संजय अग्रवाल के पास न पैसे की कमी है और न जमीन कि फिर मंदिर की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश क्यों कर रहे?



