प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को पंजाब में कई स्थानों पर बड़ा तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई राज्य पुलिस के पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और उनसे जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की जा रही है।
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत कुल 11 ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें चंडीगढ़ में 2, लुधियाना में 5, पटियाला में 2, नाभा में 1 और जालंधर में 1 स्थान शामिल हैं। यह तलाशी आरोपियों, उनके करीबी सहयोगियों और संदिग्ध बेनामीदारों से जुड़े परिसरों पर की जा रही है।
👉 यह भी पढ़ें:
- टेकऑफ से पहले बड़ा हादसा टला: इंजन में आग लगते ही रोकी गई उड़ान, यात्रियों को आपातकाल में निकाला गया
- दूसरे चरण के चुनाव से पहले बड़ा एक्शन: राशन घोटाले में कोलकाता समेत कई जगहों पर छापेमारी
- बंगाल चुनाव से पहले बड़ी कार्रवाई: प्रवर्तन निदेशालय के छापे से कोलकाता में हड़कंप, पुलिस अधिकारी और कारोबारी के ठिकाने निशाने पर
- रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर: बिहार रूट पर बड़े बदलाव, कई ट्रेनें रद्द, मार्ग और समय में फेरबदल
अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अपराध से अर्जित संपत्ति का पता लगाना, बेनामी संपत्तियों की पहचान करना और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े ठोस सबूत जुटाना है। यह कार्रवाई केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की चंडीगढ़ इकाई द्वारा दर्ज मूल आपराधिक मामलों के आधार पर की जा रही है।
इन मामलों में आरोप है कि एक आपराधिक केस को सुलझाने के लिए बिचौलिए के जरिए अवैध रिश्वत मांगी गई थी, साथ ही आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के संकेत भी मिले हैं।
गौरतलब है कि हरचरण सिंह भुल्लर पंजाब पुलिस में रोपड़ रेंज के डीआईजी पद पर तैनात थे। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने उन्हें अक्टूबर 2025 में एक कबाड़ कारोबारी से रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था।


