अब्बास अरागची ने अमेरिका के सामने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि उसे तय करना होगा—वह युद्धविराम चाहता है या फिर जारी युद्ध। दोनों एक साथ नहीं चल सकते।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच पर लिखा कि ईरान-अमेरिका के बीच युद्धविराम की शर्तें पूरी तरह स्पष्ट हैं। अमेरिका या तो शांति का रास्ता चुने, या फिर इजराइल के माध्यम से जारी संघर्ष को जारी रखे—दोनों विकल्प एक साथ संभव नहीं हैं।
अरागची ने लेबनान की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि वहां हो रहे कत्लेआम को पूरी दुनिया देख रही है। अब फैसला अमेरिका के हाथ में है कि वह अपने वादों पर कायम रहता है या नहीं।
इस बीच, इजराइल ने युद्धविराम का समर्थन तो किया, लेकिन यह भी साफ कर दिया कि यह लेबनान पर लागू नहीं होता। इसी वजह से लेबनान में हमले अब भी जारी हैं।
वहीं, शहबाज़ शरीफ़ ने पहले ही कहा था कि युद्धविराम का दायरा लेबनान तक भी होना चाहिए, जिससे क्षेत्र में पूरी तरह शांति स्थापित की जा सके।


