इंदौर। इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को विपक्षी दल कांग्रेस ने जो कुछ भी किया, उस पर कई सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह है कि क्या कांग्रेस को इंदौर में कोई नहीं पूछ रहा। आखिर आपको सवाल उठाने के लिए भागीरथपुरा के लोगों को सदन में ले जाने की जरूरत क्यों पड़ी?
नगर निगम में मंगलवार को परंपरानुसार दिवगंत लोगों को श्रद्धांजलि दी जा रही थी। इसमें भागीरथपुरा के दिवंगत लोगों भी श्रद्धांजलि दी गई। इसी दौरान नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों को इशारा किया और नारेबाजी शुरू हो गया। चौकसे पहले से ही तैयारी में थे और भागीरथपुरा के कुछ लोगों को पोस्टर-बैनर के साथ दर्शक दीर्घा में बिठा रखा था।
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श्रद्धांजलि में हंगामा समझ से परे
किसी भी सदन में श्रद्धांजलि देने के दौरान मौन रहने की परंपरा है, जिसे चिंटू चौकसे ने तोड़ा। चौकसे एक अनुभवी नेता हैं और निगम में नेता प्रतिपक्ष के साथ शहर कांग्रेस के अध्यक्ष भी हैं। इसके बावजूद उनका यह व्यवहार समझ से परे हैं। क्या उनमें और उनकी पार्टी के चुने हुए पार्षदों में इतनी ताकत नहीं थी कि वे सदन में भागीरथपुरा का मामला उठा पाते? आखिर क्यों उन्हें भागीरथपुरा के लोगों का सहारा लेना पड़ा।
कांग्रेस पार्षदों ने जमकर किया हंगामा
मेयर पुष्यमित्र भार्गव जब शोक प्रस्ताव पढ़ रहे थे, तभी दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों ने मृतकों के पोस्टर लहराते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। मेयर भार्गव ने कहा कि भागीरथपुरा की घटना दुखद है, लेकिन विपक्ष के इशारे पर हंगामा किया गया। शोर-शराबे के बीच मेयर ने शोक प्रस्ताव पढ़े, जिसके बाद बैठक को पांच मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया।
क्या राहुल गांधी के आने का भी नहीं पड़ा असर
भागीरथपुरा का मामला कांग्रेस ने जोरशोर से उठाया था। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तक भागीरथपुरा का दौरा कर चुके हैं। विधानसभा में भी यह मामला उठाया गया था। क्या कांग्रेस का मन इससे नहीं भरा या फिर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने सस्ती लोकप्रियता के लिए ऐसा किया।
ईरान के सुप्रीम लीडर को भी श्रद्धांजलि
महापौर के श्रद्धांजलि देने के बाद कांग्रेस पार्षदों रूबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने अमेरिकी-इजराइली हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर को श्रद्धांजलि दी। रूबीना ने कहा खामेनेई को अमेरिका ने धोखे से शहीद कर दिया। भाजपा पार्षदों ने इसका विरोध करते हुए जय श्री राम के नारे लगाए।


