0:00
0:00 left
कर्नाटक में मंदिरों पर टैक्स,विधान परिषद में गिरा विधेयक
कर्नाटक में एक करोड़ से अधिक सालाना आय वाले मंदिरों की आय पर दस प्रतिशत कर लगाने से जुड़ा विधेयक विधान परिषद में गिर गया है. दो दिन पहले ही ये विधेयक राज्य की विधानसभा में पारित हुआ था. इस विधेयक पर कर्नाटक में राजनीतिक घमासान मचा हुआ है. बीजेपी ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर हिंदी विरोधी होने के आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य में सरकार हिंदू विरोधी नीतियां लागू कर रही है.
कांग्रेस की विधान परिषद में एनडीए यानी बीजेपी के गठबंधन के पास सत्ताधारी कांग्रेस से अधिक संख्या बल है. कांग्रेस के 30 एमएलसी हैं जबकि बीजेपी के 35 एमएलसी हैं, इसके अलावा 8 एमएलसी बीजेपी की गठबंधन सहयोगी जेडीएस के हैं.कर्नाटक में लाये जा रहे ‘कर्नाटक हिंदू धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्त संशोधन विधेयक 2024’ क़ानून के तहत सरकार सालाना एक करोड़ से अधिक आय वाले मंदिरों से आय पर दस प्रतिशत टैक्स ले सकेगी जबकि दस लाख से एक करोड़ तक की आय वाले मंदिरों से 5 प्रतिशत टैक्स लिया जा सकेगा. बीजेपी ने इस विधेयक के बाद कांग्रेस पर हिंदू विरोधी होने के आरोप लगाए हैं जबकि इन आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस ने कहा है कि ये एक्ट पहली बार 2003 में ही लाया गया था.
👉 यह भी पढ़ें:
- Karnataka में गुटखा-पान मसाला पर एक साल का बैन, परिवहन भी प्रतिबंधित
- कावेरी के लिए किसानों का अनोखा प्रदर्शन! रेत में खुद को दफन कर बोले- ‘पानी दो, वरना फसल बर्बाद हो जाएगी’
- Siddaramaiah अब नहीं लड़ेंगे विधानसभा चुनाव, बढ़ती उम्र और राजनीति में भ्रष्टाचार का दिया हवाला
- Karnataka में निजी फोटो-वीडियो लीक करने पर अब एफआईआर जरूरी, सरकार ने दिए पुलिस को आदेश
- Karnataka Political Crisis: मंत्री पद छोड़ते ही मचा सियासी भूचाल, आखिर क्यों नाराज़ हुए रामलिंगा रेड्डी?
- Karnataka : डीके शिवकुमार ने ली कर्नाटक के नए सीएम की शपथ, सिद्धारमैया के बेटे का क्या हुआ?



