सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस एएम खानविलकर लोकपाल नियुक्त
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एएम खानविलकर को देश का नया लोकपाल नियुक्त किया. राष्ट्रपति कार्यालय ने जस्टिस खानविलकर की अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति के साथ-साथ भ्रष्टाचार विरोधी निकाय में छह अन्य सदस्यों की नियुक्ति को लेकर प्रेस नोट जारी किया है.
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जस्टिस खानविलकर के अलावा जस्टिस लिंगप्पा स्वामी (हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक हाई कोर्ट के पूर्व चीफ़ जस्टिस), जस्टिस संजय यादव ( इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस) और जस्टिस रितु राज अवस्थी कर्नाटक और इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस) को न्यायिक सदस्य नियुक्त किया गया है. पूर्व लोक सेवा अधिकारी सुशील चंद्रा, पंकज कुमार और अजय तिर्की को लोकपाल के गैर-न्यायिक सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है.
लोकपाल के पास ये अधिकार होता है कि वह केंद्र सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर सकता है. ये संस्था प्रधान मंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद, केंद्र सरकार के अधिकारियों पर आरोपों की जांच करने का अधिकार रखती है. साल 2013 में लोकपाल कानून पारित किया गया था. राष्ट्रपति एक पैनल के सुझाव पर लोकपाल की नियुक्ति करते हैं. इस पैनल के अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं. लोकसभा स्पीकर, नेता प्रतिपक्ष और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस या उनकी ओर से नामित एक जज इसके सदस्य होते हैं.


