सुप्रीम कोर्ट; केंद्र सरकार की फैक्ट चेकिंग यूनिट की अधिसूचना पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की फैक्ट चेकिंग यूनिट की अधिसूचना पर फिलहाल रोक लगा दी है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने भारत सरकार की फैक्ट चेकिंग यूनिट को रोकने के लिए कुणाल कामरा और एडिटर्स गिल्ड की याचिका पर अंतिम फैसला नहीं दिया था. इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
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इस बीच 20 मार्च को केंद्र सरकार ने पीआईबी की फैक्ट चेकिंग यूनिट के लिए अधिसूचना जारी कर दी थी. यह मामला अब भी बॉम्बे हाई कोर्ट में लंबित है क्योंकि दो जजों की बेंच की सुनवाई में फैसला सर्वसम्मति से नहीं आया था. अब इस मामले की सुनवाई तीसरे जज कर रहे हैं. मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि फैक्ट चेकिंग यूनिट पर केंद्र सरकार का नोटिफिकेशन बॉम्बे हाई कोर्ट के अंतरिम फैसले के बीच आया है. ऐसे में इस पर अभी रोक लगनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2023 के संशोधन की वैधता की चुनौती को लेकर कई गंभीर संवैधानिक सवाल हैं.सुप्रीम कोर्ट ने कहा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मौलिक अधिकार है और इस पर नियम 3(1)(b)(5) के असर का विश्लेषण हाई कोर्ट में जरूरी है. जब तक बॉम्बे हाई कोर्ट में इस पर सुनवाई पूरी नहीं हो जाती है तब तक सरकार की अधिसूचना स्थगित रहेगी.



