बंगाल चुनाव से पहले जुबानी जंग तेज: महुआ मोइत्रा के बयान से ‘बंगाली बनाम गुजराती’ बहस भड़की
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सियासी माहौल गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी जारी है। इसी बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिससे ‘बंगाली बनाम गुजराती’ की बहस छिड़ गई है।
👉 यह भी पढ़ें:
- विमान में हंगामा: महुआ मोइत्रा ने लगाया उत्पीड़न का आरोप, कार्रवाई की उठी मांग
- बंगाल चुनाव में निर्णायक घड़ी: दूसरे चरण के मतदान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील—महिलाएं और युवा बढ़-चढ़कर करें मतदान
- बंगाल चुनाव के बीच बड़ा दांव: अशोक लाहिड़ी बने नीति आयोग के नए उपाध्यक्ष
- बंगाल चुनाव के लिए भाजपा ने जारी की तीसरी सूची, 19 प्रत्याशियों में आरजी कर मेडिकल कॉलेज की रेप पीड़िता की मां का भी नाम
दरअसल, तृणमूल कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ आरोपपत्र पेश किया। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार के खिलाफ भाजपा का पक्ष रखा था।
इसी दौरान महुआ मोइत्रा ने कहा कि बंगाली एक “गौरवशाली समुदाय” हैं और उन्होंने आजादी की लड़ाई में बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि काला पानी की सजा पाने वालों में बड़ी संख्या बंगालियों की थी और पूछा कि गुजराती समुदाय से वहां कौन-कौन शामिल था। उनके इस बयान में विनायक दामोदर सावरकर का जिक्र भी आया, जिसे लेकर विवाद और गहरा गया।
महुआ मोइत्रा ने अमित शाह पर आरोप लगाया कि वे बंगालियों का अपमान कर रहे हैं। उनका कहना था कि पहले बंगालियों को अपमानित किया जाता है, फिर उन्हें वंचित और अपराधी बताया जाता है।
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। महुआ मोइत्रा का वीडियो तेजी से वायरल हुआ और लोगों ने उनके समर्थन और विरोध में जमकर प्रतिक्रियाएं दीं। देखते ही देखते यह मुद्दा ‘बंगाली बनाम गुजराती’ की बहस में बदल गया, जिससे चुनावी माहौल और ज्यादा गरमा गया है।


