नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना हमेशा चर्चा में रहते हैं। इस बार सीएम आतिशी को लिखी चिट्ठी ने बवाल मचा दिया है। इस चिट्ठी में उन्होंने अरविंद केजरीवाल द्वारा आतिशी को अस्थाई मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री कहे जाने पर आपत्ति जताई है। इस चिट्ठी से दिल्ली की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है।
सक्सेना ने पत्र में लिखा है कि यह मुझे बहुत आपत्तिजनक लगा और मैं इससे आहत हुआ। यह न केवल आपका अपमान था, बल्कि आपकी नियोक्ता महामहिम भारत की राष्ट्रपति और उनके प्रतिनिधि के रूप में मेरा भी अपमान था। उपराज्यपाल होने के नाते मैं इस स्तर के पब्लिक डिस्क्लोजर से चिंतित हूं और साथ ही मेरी सरकार की पूर्णकालिक मुख्यमंत्री को अस्थाई मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तुत करने के संभाषण से आहत हूं।
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योजनाओं का जिक्र कर किया अगाह
एलजी ने लिखा है कि अनाधिकृत रूप से वरिष्ठ नागरिकों एवं मुख्यमंत्री के नाम पर ही महिलाओं सम्बंधित योजना की हवाई घोषणाएं की जा रही हैं। इससे मुख्यमंत्री के पद और मंत्री परिषद की गरिमा भी धूमिल हुई है। यह सर्वविदित है कि आपको किन परिस्थितियों में मुख्यमंत्री बनाया गया। पिछले 10 सालों में यमुना की बदतर हालत हो या पीने के पानी की भयंकर कमी, स्वास्थ्य की चरमराती व्यवस्था, अनाधिकृत कॉलोनियों में सुविधाओं का घोर अभाव हो, एक मुख्यमंत्री द्वारा, जिसको अस्थाई और काम चलाऊ घोषित किया जा चुका हो, तीन–चार महीने में कुछ भी कर पाना कितना संभव है, यह सभी जानते हैं। इन क्षेत्रों में अपनी विफलताओं को आपके नेता ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार भी किया है, परन्तु मुख्यमंत्री के रूप में अब इन सभी क्षेत्रों में विफलताओं की जिम्मेदारी आपकी ही मानी जाएगी।


