सीएम मोहन यादव ने किया मां नर्मदा की प्रतिमा का अनावरण, कहा-नर्मदा के बगैर इंदौर की प्रगति संभव नहीं थी

Date:

इंदौर। सीएम डॉ.मोहन यादव शनिवार को इंदौर में कई कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने इंदौर के रेती मंडी इलाके में मां नर्मदा की अष्ट धातु से बनी प्रतिमा का अनावरण किया। । इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी का इंदौर विकास में बड़ा योगदान है। नर्मदा के चरण आने के बाद इंदौर ने पलट कर नहीं देखा। 45 साल पहले नर्मदा इंदौर आई थी। नर्मदा नदी के किनारे मां अहिल्या ने अपनी राजधानी बनाई। उन्हें मां का ऐसा आशीर्वाद मिला कि देश भर में उन्होंने धर्म के काम किए। नर्मदा के बिना इंदौर की प्रगति सभव नहीं थी।

उन्होंने कहा कि अब नर्मदा मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के लोगों को भी रोज दर्शन देती है। इंदौर के लोगों पर नर्मदा नदी का अधिकार ज्यादा है। इस वजह से चौराहे पर इस रूप में भी नर्मदा मां आई है। शहरवासी रोज यहां मां के दर्शन कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि नर्मदा मां एक मात्र नदी है, जो पश्चिम की धारा की तरफ बहती है। नर्मदा नदी अमरकंटक से खंभात की खाड़ी तक पवित्रता से बहती है। देश की एक मात्र नदी नर्मदा की परिक्रमा होती है। नर्मदा परिक्रमा वासी की सेवा के लिए ग्रामीण तन मन धन से सेवा करते हैं।

नर्मदा परिक्रमा मार्ग को संवारेंगे

सीएम मोहन यादव ने कहा, मां नर्मदा जहां से निकली और जहां खत्म होती है, वहां तक सरकार पौधारोपण करेगी। घाट बनाएगी और परिक्रमा करने वालों के लिए आश्रम बनाए जाएंगे। मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर पर नर्मदा की कृपा है। नर्मदा मां रोज शहर की प्यास बुझाने आती है। इसलिए हमने इंदौर के एक चौराहे पर नर्मदा परिक्रमा की तस्वीर खींची है। यहां महेश्वर किले की एक प्रतिकृति बनाई गई है।

स्वामी विवेकानंद का जीवन सदैव प्रेरणास्पद रहेगा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज इंदौर में ग्राम कलारिया में विवेकानंद जयंती की पूर्व संध्या पर स्वामी विवेकानंद की आदमकद प्रतिमा का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन सदैव प्रेरणादायी रहेगा। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, स्वामी विवेकानंद के विचारों और भविष्यवाणी को चरितार्थ कर रहे हैं। स्वामी विवेकानन्द ने उस समय कहा था कि आने वाली सदी भारत की होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज विश्व में देश का मान बढ़ रहा है। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार, क्षेत्रीय विधायक मधु वर्मा, विधायक गोलू शुक्ला, रमेश मेंदोला सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

सीवीसी रिपोर्ट: अदालतों में लंबित 7200+ भ्रष्टाचार मामले

सीवीसी रिपोर्ट में भ्रष्टाचार के 7,229 लंबित मामले। इनमें 409 मामले दो दशक से अधिक समय से अदालतों में रुके हैं।

निरंजन बने साइबर सेल एडीजी, 30 सूबेदारों का प्रमोशन

मध्य प्रदेश में साइबर सेल एडीजी का पदभार निरंजन बी. वायंगणकर को सौंपा गया है। 30 सूबेदारों का प्रमोशन भी किया गया है।

बैंक यूनियनों की 11 सितंबर को हड़ताल, सेवाएं प्रभावित

बैंक यूनियनों की हड़ताल से सेवाएं प्रभावित होंगी। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 11 सितंबर को हड़ताल का आह्वान किया है।

अफगानिस्तान टी20 सीरीज: संजू सैमसन की भारतीय टीम में वापसी

अफगानिस्तान टी20 सीरीज में संजू सैमसन की वापसी भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में नई दिशा मिलेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारी छात्रों की FIR रद्द की

प्रदर्शनकारी छात्रों की एफआईआर रद्द होने से सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों को राहत दी। कोर्ट ने नीट-यूजी पेपर लीक के विरोध में दर्ज एफआईआर को रद्द किया।

एनसीएलटी ने सुभाष चंद्रा की कर्ज निपटान योजना पर लगाई रोक

NCLT ने सुभाष चंद्रा की कर्ज निपटान योजना पर रोक लगाई। 5-सदस्यीय पीठ ने संपत्ति बिक्री पर भी रोक लगाई।

एससीओ में पीएम मोदी: आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मापदंड खत्म हों

एससीओ शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मापदंड खत्म करने की अपील की। उन्होंने आतंकवाद के इकोसिस्टम को नष्ट करने पर जोर दिया।

गोवा-दिल्ली इंडिगो फ्लाइट की मोपा एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग

गोवा-दिल्ली फ्लाइट के इंजन की खराबी से मोपा एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग, सभी यात्री सुरक्षित।

आरजीपीवी को तीन क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों में बांटा जाएगा, कैबिनेट की बैठक में कई फैसले

आरजीपीवी का विभाजन, तीन क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों में होगा। कैबिनेट ने इस फैसले की मंजूरी दी।

महू इन्फैंट्री स्कूल के 78वें स्थापना दिवस पर वीरों को नमन

महू इन्फैंट्री स्कूल के 78वें स्थापना दिवस पर वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह संस्थान भारतीय सेना के लिए रणनीतिक प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र है।