पनामा नहर से अमेरिकी जहाजों को शुल्क मुक्त प्रवेश: ट्रंप के दबाव का असर?
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि अब अमेरिकी जहाजों को पनामा नहर पार करने पर कोई शुल्क नहीं देना होगा, जिससे अमेरिका को हर साल लाखों डॉलर की बचत होगी।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस फैसले की जानकारी दी और समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार, यह निर्णय पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े दबाव के बाद लिया गया है।
ट्रंप का दबाव और पनामा नहर विवाद
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद अपने पहले भाषण में दावा किया था कि पनामा नहर का संचालन चीन कर रहा है। उन्होंने अमेरिकी जहाजों से वसूली जाने वाली ‘मोटी’ फीस का जिक्र करते हुए नहर को बलपूर्वक वापस लेने की धमकी तक दे दी थी।
ट्रंप ने कहा था चीन पनामा नहर का संचालन कर रहा है और हमने इसे चीन को नहीं दिया था। हमने इसे पनामा को दिया और हम इसे वापस ले रहे हैं।
पनामा नहर: वैश्विक व्यापार का मुख्य केंद्र
82 किलोमीटर लंबी पनामा नहर मध्य अमेरिका के बीच स्थित है और यह प्रशांत महासागर और अटलांटिक महासागर को जोड़ने वाली मुख्य कड़ी है। हर साल लगभग 14,000 जहाज इस नहर को शॉर्टकट के रूप में उपयोग करते हैं, जिससे उन्हें दक्षिण अमेरिका के लंबे और महंगे समुद्री मार्ग से बचने में मदद मिलती है।
अमेरिका के इस फैसले का पनामा और चीन के साथ उसके संबंधों पर क्या असर पड़ेगा, यह देखने वाली बात होगी!
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