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विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट
नई दिल्ली: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार तीन सप्ताह की बढ़ोतरी के सिलसिले को तोड़ते हुए 14 फरवरी को समाप्त सप्ताह में 2.54 अरब डॉलर घटकर 635.721 अरब डॉलर रह गया। भारतीय रिजर्व बैंक ने यह जानकारी दी।
भंडार में गिरावट क्यों आई?
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आरबीआई का हस्तक्षेप: रुपये में अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए आरबीआई द्वारा विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया गया, जिससे भंडार में गिरावट आई।
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विदेशी मुद्रा आस्तियों में कमी: प्रमुख घटक विदेशी मुद्रा आस्तियां 4.515 अरब डॉलर घटकर 539.591 अरब डॉलर रह गईं।
पिछले रुझान:
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सितंबर 2024 में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 704.885 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था।
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पिछले सप्ताह भंडार 7.654 अरब डॉलर बढ़कर 638.261 अरब डॉलर हो गया था।
सकारात्मक संकेत:
हालांकि, भंडार में गिरावट के बावजूद, कुछ क्षेत्रों में बढ़ोतरी देखी गई
स्वर्ण भंडार: 1.942 अरब डॉलर बढ़कर 74.15 अरब डॉलर पहुंचा।
विशेष आहरण अधिकार (SDR): 19 मिलियन डॉलर बढ़कर 17.897 अरब डॉलर हो गए।
आईएमएफ के साथ भारत की आरक्षित स्थिति: 14 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.083 अरब डॉलर हो गई।
आगे क्या?
विदेशी मुद्रा भंडार में उतार-चढ़ाव वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और आरबीआई की नीतियों पर निर्भर करेगा। निवेशकों और बाजार विश्लेषकों की नजरें अब आने वाले हफ्तों में रुपये की स्थिति और आरबीआई के कदमों पर टिकी होंगी।
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