रायपुर। गृह मंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के दौरे पर थे। नक्सलवाद के गढ़ दंतेवाड़ा में उन्होंने कहा कि आप सभी हमारे अपने हैं। कोई नक्सली मारा जाता है तो किसी को आनंद नहीं होता। मैं आप सभी से नक्सली भाइयों से आग्रह करता हूं कि वो हथियार डाल दें।
अमित शाह शनिवार को दंतेवाड़ा में बस्तर पंडुम कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। बस्तर पंडुम कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि आज चैत्र नवरात्रि की अष्टमी है। मैं मां दंतेश्वरी का आशीर्वाद लेकर आया हूं, अगली चैत्र नवरात्रि में यहां से लाल आतंक समाप्त हो जाए और हमारा बस्तर खुशहाल हो। इस साल बस्तर पंडुम हमारे छत्तीसगढ़ में एक उत्सव के रूप में मनाया गया है। मैं पीएम मोदी का संदेश लेकर आया हूं कि अगले साल बस्तर पंडुम में देश के हर आदिवासी जिले के कलाकारों को लाएंगे। केंद्रीय गृह ने कहा कि 12 मार्च से लेकर 5 अप्रैल तक जिला प्रशासन, संस्कृति विभाग ने लगभग 5 करोड़ का आवंटन किया है। यह सबसे पहला इतना बड़ा सांस्कृतिक उत्सव है। बस्तर की अमूल्य संस्कृति, यहां की बोली, नृत्य–गान, वाद्ययंत्र, पेय एवं भोजन पदार्थ केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं अपितु संपूर्ण भारत के लिए अनमोल गहना है।
गावों को 1 करोड़ की विकास राशि देंगे
अमित शाह बस्तर के लोगों खास अपील करते हुए कहा कि मैं सभी नक्सली भाइयों से विनीत करने आया हूं, कि आप हथियार डाल दीजिए, आप सभी हमारे अपने हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने घोषणा कि है कि जो गांव नक्सलियों से आत्मसमर्पण करवाएगा, उस गांव को नक्सल मुक्त घोषित कर 1 करोड़ रुपए की विकास राशि देंगे।अमित शाह ने आगे कहा कि विकास का मतलब है, सुकमा से कोई सब इंस्पेक्टर बने, बस्तर से बैरिस्टर बने, दंतेवाड़ा से डॉक्टर बने और कांकेर से कलेक्टर बने।
मोबाइल चलाते बच्चों की तस्वीर पोस्ट की
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर में थे। वे यहां पंडुम के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। शाह ने एक तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा–जो बस्तर–सुकमा क्षेत्र कभी लाल आतंक (नक्सलवाद) का गढ़ था, जहां लोग भय के कारण घरों से नहीं निकलते थे, आज वहां की डोंडरा पंचायत में भयमुक्त होकर फोन चलाते बच्चों को देख मन आनंदित है।


