वक्फ संशोधन विधेयक पर मुस्लिम समुदाय की नाराज़गी पर चिराग पासवान की सफाई: “मेरे फैसले वक्त के साथ समझ में आएंगे”
वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर देशभर में खासकर मुस्लिम समुदाय में उठ रही नाराज़गी के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। पटना में पत्रकारों से बात करते हुए, उन्होंने मुस्लिम समाज से सीधे संवाद की कोशिश की और अपनी नीयत को स्पष्ट किया।
“आपकी नाराज़गी मेरे सिर-आंखों पर”
चिराग पासवान ने कहा:
“मैं मुसलमान समाज के हर एक व्यक्ति से कहना चाहता हूं कि आपकी नाराज़गी मेरे सिर आंखों पर, लेकिन हकीकत यह है कि मेरे नेता (स्वर्गीय राम विलास पासवान) ने हमेशा समर्पण भाव से सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ी थी।”
उन्होंने यह भी कहा कि:
“मेरी रगों में भी उन्हीं का खून है और उनके ही संस्कार हैं। मैं भी उनके उस सोच को उतनी ही ईमानदारी से आगे लेकर चलने का काम करूंगा।”
“वक्त बताएगा मेरे फैसले सही थे या नहीं”
पासवान ने भरोसा जताते हुए कहा कि:
“वक्त बताएगा कि चिराग पासवान की ओर से लिए गए फैसले आपके हक में थे या नहीं। मेरा समर्पण केवल अल्पसंख्यकों के लिए नहीं, बल्कि उससे बड़ा समर्पण मेरे पिता के विचारों के प्रति है।”
विधेयक को मिली संसद से मंज़ूरी
गौरतलब है कि वक्फ़ संशोधन विधेयक को हाल ही में संसद के बजट सत्र में पहले लोकसभा और फिर राज्यसभा में मंज़ूरी मिल चुकी है। बिहार में एनडीए के प्रमुख दल, जैसे कि नीतीश कुमार की जेडीयू और चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास) ने इस विधेयक के पक्ष में वोट किया।
जेडीयू और एलजेपी में उठे असंतोष के स्वर
विधेयक के समर्थन के बाद जेडीयू के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नाराज़गी जताई है, और कुछ ने तो पार्टी छोड़ने का फैसला भी कर लिया है। दूसरी ओर, खबरों के मुताबिक एलजेपी के प्रति भी मुस्लिम समुदाय के एक वर्ग में नाराज़गी देखी जा रही है।
अब सवाल ये है कि चिराग पासवान के बयानों से मुस्लिम समाज का विश्वास लौटेगा या नहीं, और क्या एनडीए घटक दलों में पैदा हुई दरार और असंतोष पर गठबंधन कोई ठोस रणनीति बनाएगा।
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